बजट 2026-27 का ऐलान: ₹53 लाख करोड़ खर्च, रक्षा क्षेत्र को बड़ी सौगात! वित्त मंत्रालय को सबसे ज़्यादा आवंटन

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AuthorNeha Patil|Published at:
बजट 2026-27 का ऐलान: ₹53 लाख करोड़ खर्च, रक्षा क्षेत्र को बड़ी सौगात! वित्त मंत्रालय को सबसे ज़्यादा आवंटन
Overview

आम बजट 2026-27 पेश कर दिया गया है, जिसमें सरकार ने कुल **₹53.47 लाख करोड़** के भारी-भरकम खर्च का ऐलान किया है। इस बजट में विकास और समावेशिता को प्राथमिकता दी गई है, और वित्त मंत्रालय को सबसे बड़ा हिस्सा यानी **₹19.72 लाख करोड़** आवंटित किए गए हैं।

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बजट की रूपरेखा और कुल व्यय

यूनियन फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने 2026-27 का बजट पेश किया, जिसमें कुल ₹53.47 लाख करोड़ के खर्च का प्रस्ताव है। इस बड़ी रकम में ₹41.25 लाख करोड़ राजस्व व्यय (Revenue Expenditure) और ₹12.22 लाख करोड़ पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) के लिए रखे गए हैं। बजट का मुख्य ढांचा 'कर्तव्य' फ्रेमवर्क पर आधारित है, जो विकास, समावेशिता और दीर्घकालिक क्षमता निर्माण पर जोर देता है।

मंत्रालयों का आवंटन: वित्त और रक्षा सबसे आगे

मंत्रालयों की बात करें तो, वित्त मंत्रालय को बजट का सबसे बड़ा हिस्सा मिला है, जिसे ₹19.72 लाख करोड़ दिए गए हैं। यह राशि ब्याज भुगतान, सब्सिडी और राज्यों को हस्तांतरण जैसे राजकोषीय प्रबंधन के लिए इस्तेमाल होगी। इसके बाद रक्षा मंत्रालय का नंबर आता है, जिसे ₹7.85 लाख करोड़ आवंटित किए गए हैं। यह रकम सेना के आधुनिकीकरण, ऑपरेशनल तैयारी और पेंशन के साथ-साथ 'आत्मनिर्भर भारत' पहल के तहत विमान, नौसैनिक प्लेटफॉर्म और रक्षा उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण पूंजीगत व्यय को समर्थन देगी।

विभिन्न क्षेत्रों में प्रमुख खर्च

अन्य महत्वपूर्ण मंत्रालयों को भी बड़ी राशि मिली है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय को ₹3.10 लाख करोड़ मिले हैं, जो मुख्य रूप से राष्ट्रीय राजमार्गों और लॉजिस्टिक्स दक्षता में सुधार के लिए पूंजीगत व्यय पर केंद्रित हैं। रेल मंत्रालय को ₹2.81 लाख करोड़ आवंटित किए गए हैं, जिसका फोकस नेटवर्क विस्तार और आधुनिकीकरण पर रहेगा। गृह मंत्रालय को आंतरिक सुरक्षा और सीमा प्रबंधन के लिए ₹2.55 लाख करोड़ मिले हैं, जबकि उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय को ₹2.40 लाख करोड़ मिले हैं, जो बड़े पैमाने पर खाद्य सब्सिडी के लिए हैं। इसके अलावा, कृषि को ₹1.40 लाख करोड़, शिक्षा को ₹1.39 लाख करोड़ और स्वास्थ्य को ₹1.07 लाख करोड़ भी आवंटित किए गए हैं, जो सरकार के व्यापक विकास एजेंडे को दर्शाते हैं।

नीतिगत दिशा और आलोचना

यह बजट 'युवा शक्ति' पर आधारित योजना के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जो मुश्किल वैश्विक आर्थिक माहौल में गरीबों और वंचितों को प्राथमिकता देने के सरकार के इरादे को दर्शाता है। हालांकि, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तुरंत इस बजट की आलोचना की है, इसे 'हम्प्टी डम्प्टी' बजट बताया और कहा कि 'आम आदमी और बंगाल के लिए इसमें कुछ भी नहीं है'। सरकार का लक्ष्य इन राजकोषीय उपायों के माध्यम से आर्थिक गति बनाए रखना और भारत की लचीलापन को मजबूत करना है।

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