बजट 2026: भारत की नई ग्रोथ स्ट्रेटेजी में सर्विसेज सेक्टर टॉप पर, 2047 तक 10% ग्लोबल शेयर का लक्ष्य!

ECONOMY
Whalesbook Logo
AuthorAditya Rao|Published at:
बजट 2026: भारत की नई ग्रोथ स्ट्रेटेजी में सर्विसेज सेक्टर टॉप पर, 2047 तक 10% ग्लोबल शेयर का लक्ष्य!
Overview

भारत के बजट 2026-27 ने देश की आर्थिक ग्रोथ स्ट्रेटेजी में सर्विसेज सेक्टर को सबसे आगे ला खड़ा किया है। सरकार का लक्ष्य 2047 तक ग्लोबल मार्केट में **10%** हिस्सेदारी हासिल करना है।

सर्विसेज सेक्टर बनेगा भारत की तरक्की का मेन इंजन

बजट 2026-27 में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जिसमें भारत के दमदार सर्विसेज सेक्टर को देश की आर्थिक तरक्की का सबसे बड़ा इंजन बनाने पर जोर दिया गया है। यह कदम मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज के बीच की बहस से हटकर, एक होल‍िस्टिक अप्रोच अपना रहा है, जिसमें ट्रेडेबल और नॉन-ट्रेडेबल सर्विसेज के साथ-साथ इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग पर भी फोकस बना रहेगा।

ग्लोबल मार्केट में 10% शेयर का लक्ष्य और IT सेक्टर को बूस्ट

सरकार ने 2047 तक सर्विसेज में 10% ग्लोबल शेयर हासिल करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए एक हाई-पावर्ड 'एजुकेशन फॉर एम्प्लॉयमेंट एंड एंटरप्राइज' स्टैंडिंग कमेटी का गठन किया जाएगा। यह कमेटी ग्रोथ, एम्प्लॉयमेंट और एक्सपोर्ट के लिए प्राथमिकता वाले सर्विसेज एरिया की पहचान करेगी, साथ ही टेक्नोलॉजी का नौकरियों और स्किल्स पर पड़ने वाले असर का भी आकलन करेगी।

इसके अलावा, IT और IT-एनेबल्ड सर्विसेज को अब एक ही 'IT सर्विसेज' कैटेगरी में रखा जाएगा, जिसमें 15.5% का सेफ-हार्बर मार्जिन होगा। इससे कंप्लायंस आसान होगा और थ्रेशोल्ड ₹300 करोड़ से बढ़कर ₹2,000 करोड़ कर दिया गया है। भारत-आधारित डेटा सेंटर्स के जरिए क्लाउड सर्विसेज देने वाली विदेशी कंपनियों के लिए 2047 तक टैक्स हॉलिडे को भी बढ़ाया गया है, जिससे डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में इन्वेस्टमेंट और क्रॉस-बॉर्डर सर्विस एक्सपोर्ट को बढ़ावा मिलेगा।

टूरिज्म और हेल्थकेयर सेक्टर में तेजी की उम्मीद

सिर्फ हाई-स्किल्ड सेक्टर्स ही नहीं, बल्कि लेबर-इंटेंसिव सर्विसेज जैसे टूरिज्म को भी बजट में खास तवज्जो दी गई है। भारत की ग्लोबल टूरिस्ट मार्केट में हिस्सेदारी फिलहाल 2% से भी कम है। इसे बढ़ाने के लिए पांच मेडिकल वैल्यू टूरिज्म हब के जरिए हेल्थकेयर, डायग्नोस्टिक्स और पोस्ट-केयर सर्विसेज को इंटीग्रेट करने की योजना है। हेरिटेज और टेंपल टूरिज्म पर भी काम होगा। हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को मजबूत करने के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी की स्थापना की जाएगी, साथ ही 20 आइकॉनिक साइट्स पर 10,000 गाइड्स को स्किल्स अपग्रेड करने की पायलट स्कीम शुरू होगी। हेल्थकेयर सेक्टर में अलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स (AHPs) संस्थानों को अपग्रेड किया जाएगा और 1.5 लाख मल्टी-स्किल्ड केयरगिवर्स को ट्रेन किया जाएगा, जो घरेलू जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ ग्लोबल डिमांड के लिए भी तैयार करेंगे।

डिजिटल इकोनॉमी और एजुकेशन पर भी फोकस

फ्यूचर क्रिएटिव डिजिटल इकोनॉमी यानी 'ऑरेंज इकोनॉमी' में भी निवेश साफ दिख रहा है। 15,000 सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट-क्रिएटर लैब्स स्थापित करने का प्रस्ताव है। ये लैब्स एनिमेशन, गेमिंग और विजुअल इफेक्ट्स में टैलेंट को बढ़ावा देंगी। एजुकेशन के क्षेत्र में, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के पास पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप्स बनाने की योजना है, जिससे लोकल सर्विस इकोसिस्टम तैयार होगा। हर जिले के हायर-एजुकेशन STEM इंस्टीट्यूशन में लड़कियों के लिए हॉस्टल की घोषणा की गई है, ताकि लोकल सर्विस इकोनॉमी को और मजबूत किया जा सके। फाइनेंशियल सर्विसेज की भी एक हाई-लेवल कमेटी द्वारा समीक्षा की जाएगी ताकि ग्रोथ, स्टेबिलिटी और इंक्लूजन के साथ तालमेल सुनिश्चित किया जा सके।

यह साफ है कि जैसे-जैसे शिक्षा का स्तर बढ़ेगा, वर्कफोर्स स्वाभाविक रूप से सर्विस रोल्स की ओर झुकेगा। मैन्युफैक्चरिंग के लिए प्रोडक्शन कॉस्ट एक चुनौती बनी हुई है, ऐसे में बजट यह स्वीकार करता है कि आने वाले दशक में भारत की आर्थिक तरक्की में सर्विसेज का ही बोलबाला रहेगा।

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.