छोटे बिजनेसमैन और प्रोफेशनल्स के लिए टैक्स भरना अब और भी आसान हो गया है। इस साल के बजट में सरकार ने खास तौर पर उन लोगों को राहत दी है जिन्हें अपने खातों का ऑडिट नहीं करवाना पड़ता। इनकी ITR फाइलिंग की डेडलाइन को पहले की 31 जुलाई से बढ़ाकर 31 अगस्त कर दिया गया है। यानी, अब इनके पास रिटर्न भरने के लिए एक महीने का अतिरिक्त समय होगा। हालांकि, सैलरीड क्लास के लिए 31 जुलाई की डेडलाइन बरकरार रखी गई है।
सिर्फ यही नहीं, रिवाइज्ड इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की समय सीमा को भी बढ़ाया गया है। अब टैक्सपेयर्स अपने रिटर्न को फाइल करने के 12 महीने के अंदर ठीक कर सकते हैं, जबकि पहले यह अवधि सिर्फ 9 महीने थी। इसके अलावा, छोटे टैक्सपेयर्स के लिए एक रूल-बेस्ड ऑटोमेटेड स्कीम लाई जा रही है, जिससे फाइलिंग की प्रक्रिया को और सरल बनाया जाएगा और लोगों को उलझन का सामना नहीं करना पड़ेगा।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये कदम काफी प्रैक्टिकल और टैक्सपेयर-फ्रेंडली हैं। Forvis Mazars India के Avnish Arora ने गैर-ऑडिट मामलों में इस फ्लेक्सिबिलिटी की अहमियत बताई है, वहीं Kamal Poddar का कहना है कि इससे आम टैक्सपेयर्स और युवा प्रोफेशनल्स को काफी फायदा होगा। सरकार का लक्ष्य टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन को मॉडर्न बनाना और ट्रांसपेरेंसी बढ़ाना है।
यह बदलाव इनकम टैक्स एक्ट, 2025 के नए नियमों के साथ आ रहे हैं, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे। इन सुधारांों से टैक्स कंप्लायंस का बोझ कम होगा और टैक्स भरने वालों को राहत मिलेगी। यह इस बात का भी संकेत है कि सरकार अब सिर्फ टैक्स रेट्स पर फोकस करने के बजाय एक प्रेडिक्टेबल और स्टेबल टैक्स एनवायरनमेंट बनाने पर जोर दे रही है, जो छोटे और मध्यम उद्योगों (SMEs) के लिए काफी मददगार साबित हो सकता है।