TCS दरों में बड़ी कटौती
वित्त मंत्री ने बजट प्रस्तावों में टैक्स स्लैब या एग्जेंप्शन लिमिट्स बढ़ाने की बजाय Tax Collected at Source (TCS) की दरों को युक्तिसंगत बनाने पर जोर दिया है।
- विदेशी टूर पैकेज: अब इन पर 5% और 20% की मौजूदा दरों के बजाय एक समान 2% TCS लगेगा, वो भी बिना किसी थ्रेशोल्ड (न्यूनतम सीमा) के।
- LRS रेमिटेंस: शिक्षा और मेडिकल खर्चों के लिए LRS के तहत किए जाने वाले रेमिटेंस पर भी TCS दर 5% से घटाकर 2% कर दी गई है।
माना जा रहा है कि इन कदमों से अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वाले और जरूरी सेवाओं के लिए पैसे भेजने वाले व्यक्तियों को राहत मिलेगी।
ITR फाइलिंग की डेडलाइन में बदलाव
जिन असेसीज (assessee) की आय बिजनेस या प्रोफेशन से है और जिनके अकाउंट्स को Income Tax Act या किसी अन्य कानून के तहत ऑडिट की जरूरत नहीं है, उनके लिए ITR फाइल करने की ड्यू डेट (due date) को 31 जुलाई से बढ़ाकर 31 अगस्त कर दिया गया है। हालांकि, ITR-1 और ITR-2 फाइल करने वाले इंडिविजुअल्स के लिए 31 जुलाई की डेडलाइन बरकरार रहेगी। इस विस्तार से इन खास बिजनेस एंटिटीज को टैक्स फाइलिंग पूरी करने के लिए अधिक समय मिलेगा।
रिवाइज्ड रिटर्न और अपडेटेड रिटर्न के प्रावधान
मूल या विलंबित रिटर्न में हुई किसी गलती या चूक को सुधारने के लिए फाइल किए जाने वाले रिवाइज्ड रिटर्न (revised return) की समय-सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव है। अब यह संबंधित टैक्स ईयर (tax year) के अंत से 12 महीने तक फाइल किया जा सकेगा, जो कि मौजूदा 9 महीने से ज्यादा है।
इसके अलावा, सेक्शन 280 के तहत नोटिस जारी होने के बाद अपडेटेड रिटर्न (updated return) फाइल करने पर पेनाल्टी (penalty) भी बढ़ाई गई है। ऐसे मामलों में, कुल टैक्स और इंटरेस्ट के भुगतान पर अतिरिक्त 10% का इनकम-टैक्स देना होगा।
टैक्स एडवोकेट नारायण जैन ने इन प्रस्तावों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि रेट एडजस्टमेंट्स के साथ-साथ विभिन्न पेनाल्टी और प्रॉसिक्यूशन (prosecution) प्रावधानों को युक्तिसंगत बनाने पर भी फोकस किया गया है।
