तेल की कीमतों में उछाल का बाजार पर असर
आज सुबह बाजार खुलते ही बिकवाली का दबाव देखा गया। देश के मुख्य स्टॉक इंडेक्स BSE Sensex में 650 अंकों से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जबकि Nifty 50, 176.85 अंक गिरकर 24,201.25 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इस भारी गिरावट की सबसे बड़ी वजह Brent Crude Oil की कीमतों का $100 प्रति बैरल के ऊपर जाना है। यह भारत के लिए चिंता का विषय है क्योंकि देश अपनी ज़रूरत का 70% से ज़्यादा तेल आयात करता है।
विश्लेषक ने बताई बाजार की अनिश्चितता
Geojit Financial Services के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजिस्ट, Dr. VK Vijayakumar के अनुसार, बाजार में इस वक्त 'अनिश्चितता का माहौल' छाया हुआ है। उन्होंने कहा, 'जब तक सब कुछ अनिश्चित है, तब तक बाजार की अगली चाल का अनुमान लगाना मुश्किल है।' उन्होंने पश्चिम एशिया में जारी तनाव और Brent Crude के $103 प्रति बैरल तक पहुँचने को वैश्विक विकास (Global Growth) और भारत की आर्थिक स्थिरता के लिए खतरा बताया। विजयकुमार ने चेतावनी दी है कि अगर Brent Crude औसतन $100 पर कई महीनों तक बना रहता है, तो भारत की आर्थिक ग्रोथ और कंपनियों के मुनाफे पर भारी दबाव आ सकता है। यह ऐसी स्थिति है जिसका बाजार ने शायद अभी पूरी तरह से हिसाब नहीं लगाया है।
व्यापक बिकवाली, पर कुछ शेयरों में तेजी
बाजार में चौतरफा बिकवाली हावी रही, खासकर बैंकिंग, फाइनेंशियल, IT और ऑटो सेक्टर में। Nifty पर Tech Mahindra 2.64%, Mahindra & Mahindra 2.14% और ICICI Bank 1.51% जैसे शेयर सबसे ज़्यादा गिरे। Infosys और HCL Technologies के शेयरों में भी गिरावट आई। HDFC Bank और State Bank of India जैसे बड़े फाइनेंशियल शेयरों में भी नरमी दिखी। हालांकि, कुछ डिफेंसिव और एनर्जी शेयरों ने अच्छा प्रदर्शन किया। Dr. Reddy's Laboratories के शेयर 4.86% चढ़ गए, वहीं ONGC में 1.53% की तेजी आई। ऊंचे क्रूड ऑयल की कीमतों का फायदा तेल उत्पादक कंपनियों को मिला। विजयकुमार ने अमेरिका से भारत की तुलना करते हुए कहा कि अमेरिका तेल का निर्यातक देश है और वहां मजबूत कॉर्पोरेट कमाई से बाजार को सहारा मिल रहा है। हालांकि, भारत के मुख्य सूचकांकों पर दबाव के बावजूद, मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में मजबूती देखी गई है। सूत्रों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) इन सेगमेंट्स में चुनिंदा खरीदारी कर रहे हैं।
