मंगलवार को ग्लोबल मार्केट में AI से जुड़े स्टॉक्स जैसे Nvidia और Micron में आई शानदार तेजी के साथ 3M के मजबूत नतीजों ने बाजार को सहारा दिया। हालांकि, Brent crude की कीमत **$90** प्रति बैरल के ऊपर चली गई, जिससे महंगाई और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की चिंताएं बढ़ गई हैं, जो भविष्य में बाजार की स्थिरता को प्रभावित कर सकती हैं।
Detailed Coverage
AI स्टॉक्स में लौटी रौनक, बाजार में मजबूती
अमेरिकी बाजारों में मंगलवार को अच्छी रिकवरी देखने को मिली। S&P 500 इंडेक्स 0.5% चढ़ा, Dow Jones Industrial Average 219 अंकों की बढ़त के साथ बंद हुआ, और Nasdaq Composite 0.8% ऊपर गया। इस तेजी का मुख्य कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों में आई मजबूती थी।
Micron और Nvidia का शानदार प्रदर्शन
खासकर चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त उछाल आया। Micron Technology के शेयर 7.8% चढ़ गए, जबकि Nvidia में 1.5% की तेजी देखी गई। Nvidia द्वारा डच क्लाउड कंपनी Nebius में 9.3% हिस्सेदारी खरीदने की खबर ने भी निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ाई है। हालांकि, निवेशक इस बात का आकलन कर रहे हैं कि AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर तेजी से हो रहा कैपिटल स्पेंडिंग लंबी अवधि में कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी को कैसे बढ़ाएगा।
कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और महंगाई का खतरा
इक्विटी मार्केट की मजबूती के बीच, एनर्जी सेक्टर ने मैक्रोइकॉनॉमिक दबाव के संकेत दिए। Brent crude की कीमत बढ़कर $90.92 प्रति बैरल हो गई, जो लगभग 2% की बढ़ोतरी है। यह बढ़ोतरी अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे भू-राजनीतिक तनाव के कारण हुई है। महीने की शुरुआत में $72 से नीचे चल रहा कच्चा तेल अब काफी महंगा हो गया है। तेल की ऊंची कीमतें महंगाई को बढ़ा सकती हैं, जिससे सेंट्रल बैंकों को ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रखना पड़ सकता है।
3M के नतीजों का असर
कॉरपोरेट नतीजों का असर भी बाजार पर दिखा। इंडस्ट्रियल दिग्गज 3M के शेयर 8.7% उछल गए, क्योंकि कंपनी के तिमाही नतीजे और रेवेन्यू उम्मीद से बेहतर रहे। कंपनी ने 2026 के लिए अपना प्रॉफिट आउटलुक भी बढ़ाया, जिसने इंडस्ट्रियल सेक्टर को सहारा दिया। इन सबके बावजूद, ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। 10-साल के अमेरिकी ट्रेजरी नोट की यील्ड मामूली बढ़कर 4.62% हो गई।
एशियाई बाजारों में भी मजबूती दिखी, जहां साउथ कोरिया का Kospi इंडेक्स 3.6% चढ़ा। Samsung Electronics और SK Hynix जैसी सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों ने इसमें अहम भूमिका निभाई। निवेशक अब इस बात पर नजर रखेंगे कि AI में लगातार निवेश और एनर्जी से जुड़ी महंगाई का असर कंपनियों के मार्जिन और भविष्य के गाइडेंस पर कैसे पड़ता है।
