BofA: भारत AI से लंबी अवधि में होगा मालामाल, सॉफ्टवेयर और टैलेंट का मिलेगा फायदा

ECONOMY
Whalesbook Logo
AuthorKaran Malhotra|Published at:
BofA: भारत AI से लंबी अवधि में होगा मालामाल, सॉफ्टवेयर और टैलेंट का मिलेगा फायदा

बैंक ऑफ अमेरिका (Bank of America) का कहना है कि फिलहाल दुनिया भर में AI (Artificial Intelligence) में निवेश हार्डवेयर पर केंद्रित है, लेकिन भारत अपने सॉफ्टवेयर और टैलेंट के दम पर लंबी अवधि में जबरदस्त उत्पादकता लाभ (productivity gains) हासिल करेगा। उनका मानना है कि जैसे-जैसे AI का इस्तेमाल अलग-अलग इंडस्ट्रीज में बढ़ेगा, भारत को इसका बड़ा आर्थिक फायदा मिल सकता है।

इंफ्रास्ट्रक्चर या उत्पादकता? ये है बड़ा सवाल

बैंक ऑफ अमेरिका की रिपोर्ट के मुताबिक, AI निवेश का यह शुरुआती दौर मुख्य रूप से सेमीकंडक्टर और बड़े डेटा सेंटरों के इंफ्रास्ट्रक्चर पर केंद्रित है। इस दौर में साउथ कोरिया, ताइवान और सिंगापुर जैसी वो अर्थव्यवस्थाएं आगे हैं जिनके पास चिप्स और कंप्यूटिंग हार्डवेयर बनाने की मजबूत क्षमता है।

लेकिन, जैसे-जैसे दुनिया हार्डवेयर बनाने से आगे बढ़कर AI को असल कारोबारी चुनौतियों में इस्तेमाल करने की ओर बढ़ेगी, तस्वीर बदलेगी। यह वो दूसरा चरण है जहां भारत की असली ताकत सामने आएगी।

भारत की असली ताकत: सॉफ्टवेयर और टैलेंट

भारत की सबसे बड़ी ताकत है टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल्स की विशाल फौज, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट में सालों का अनुभव और AI डेवलपर्स का बढ़ता इकोसिस्टम। जैसे-जैसे इंडस्ट्रीज अपनी एफिशिएंसी बढ़ाने और लागत कम करने के लिए AI को अपनाएंगी, उसे मौजूदा सिस्टम में फिट करना सबसे अहम होगा। भारत का IT सेक्टर पहले से ही ग्लोबल कंपनियों के सिस्टम में गहराई से जुड़ा हुआ है, इसलिए वह दुनिया भर की कंपनियों को AI अपनाने और ऑपरेशनल सुधार करने में मदद करने के लिए सबसे अच्छी स्थिति में है।

लंबी अवधि का आर्थिक नज़रिया

निवेशकों को AI के इस पूरे सफर को एक लंबी प्रक्रिया के तौर पर देखना चाहिए। भले ही शुरुआती कैपिटल खर्च हार्डवेयर में हो रहा हो, लेकिन लंबी अवधि में असली आर्थिक फायदा फाइनेंस, हेल्थकेयर और इंजीनियरिंग जैसे सेक्टर्स में उत्पादकता बढ़ने से ही आएगा। इस रेस में भारत की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि उसका वर्कफोर्स कितनी जल्दी नई चीजें सीखता है और वह ऐसे सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस को कितना बड़ा बना पाता है जो असली सुधार ला सकें।

आगे चलकर, भारतीय बाजार के लिए यह देखना अहम होगा कि घरेलू और ग्लोबल कंपनियां अपने AI के शुरुआती प्रयोगों से बड़े पैमाने पर तैनाती की ओर कितनी तेजी से बढ़ती हैं। कंप्यूटिंग पावर बनाने से लेकर सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन के जरिए आर्थिक फायदा पैदा करने तक का यह बदलाव ही भारत के लिए AI के लंबे समय के फायदों को मापने का मुख्य पैमाना रहेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.