Bitcoin का रॉकेट! ETFs में $471 मिलियन का तगड़ा इनफ्लो, पर महंगाई की मार और रेट कट में देरी की चिंता

ECONOMY
Whalesbook Logo
AuthorNeha Patil|Published at:
Bitcoin का रॉकेट! ETFs में $471 मिलियन का तगड़ा इनफ्लो, पर महंगाई की मार और रेट कट में देरी की चिंता
Overview

Bitcoin की दुनिया में आज बड़ा डेवलपमेंट हुआ है। 6 अप्रैल को Bitcoin ETFs में $471 मिलियन का तगड़ा इनफ्लो देखने को मिला, जिससे Bitcoin की कीमत $70,000 के करीब पहुंच गई। हालांकि, बढ़ती तेल की कीमतें और महंगाई को लेकर चिंताएं बाज़ार में अनिश्चितता बढ़ा रही हैं, जो फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों पर पानी फेर सकती हैं।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

Bitcoin ETFs में आई पैसों की बाढ़, पर चिंताएं भी कम नहीं

6 अप्रैल को Bitcoin ETFs में $471.32 मिलियन का नेट इनफ्लो देखा गया, जो पिछले एक महीने से ज़्यादा का सबसे अच्छा दिन था। BlackRock के IBIT ने $181.9 मिलियन और Fidelity के FBTC ने $147.3 मिलियन आकर्षित किए। इस भारी संस्थागत निवेश ने Bitcoin को $68,000-$69,000 के स्तर पर सहारा दिया और बिकवाली के दबाव को कम किया। Ethereum स्पॉट ETFs ने भी $120.24 मिलियन का इनफ्लो देखा, जो यह दर्शाता है कि डिजिटल एसेट्स में निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। इतिहास गवाह है कि $300 मिलियन से ज़्यादा का दैनिक इनफ्लो अक्सर लंबी तेजी का संकेत देता है।

महंगाई और तेल की कीमतें बन रही हैं सिरदर्द

ETF में मजबूत निवेश के बावजूद, कई गंभीर आर्थिक चुनौतियां बाज़ार को घेरे हुए हैं। Brent क्रूड ऑयल की कीमतें $107 प्रति बैरल के पार जा चुकी हैं, और अगर होर्मुज जलडमरूमध्य में कोई गड़बड़ी होती है तो ये $150 तक भी पहुंच सकती हैं। ऊर्जा की ऊंची कीमतें सीधे तौर पर महंगाई को और हवा दे रही हैं। OECD के अनुमान के मुताबिक, अमेरिका में इस साल महंगाई दर 4.2% रह सकती है, जो फेडरल रिजर्व के 2.7% के लक्ष्य से काफी ज़्यादा है। लगातार बढ़ती महंगाई के कारण फेडरल रिजर्व पर ब्याज दरें ऊंची बनाए रखने का दबाव है, जिससे रेट कट की उम्मीदें धूमिल पड़ रही हैं। बाज़ार के मौजूदा अनुमानों के अनुसार, अप्रैल में दरों में कोई बदलाव न होने की 98% संभावना है। JPMorgan के विश्लेषकों का मानना है कि इस साल कोई रेट कट नहीं होगा, और 2027 के अंत तक दरें बढ़ने की भी आशंका है। यह स्थिति निवेशकों की रेट कट की अपेक्षाओं के ठीक विपरीत है।

सतह के नीचे बाज़ार में दिख रही है कमजोरी

ETF से आ रहे पैसे के बावजूद, बाज़ार की अंदरूनी मजबूती पर सवाल उठ रहे हैं। Bitfinex Alpha की रिपोर्ट बताती है कि बाज़ार 'एक दायरे में तो है, लेकिन नाजुक' है। आम खरीदारों से मांग कम है और कॉर्पोरेट खरीद भी धीमी पड़ गई है। $68,000 के स्तर से नीचे जाने पर अस्थिरता बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। जानकारों का कहना है कि हाल की बढ़त सिर्फ ETF से आ रहे पूंजी के कारण है, न कि Bitcoin के अंतर्निहित मूल्य (underlying value) में आई मजबूती के कारण। Bitcoin ने तेल की कीमतों में उछाल के दौरान Nasdaq-100 के साथ 85% तक का सहसंबंध (correlation) दिखाया है, जो इसे महंगाई के खिलाफ एक सुरक्षित निवेश (hedge) के बजाय एक जोखिम भरे टेक स्टॉक की तरह पेश करता है। इसका मतलब है कि अगर टेक शेयरों में गिरावट आती है, तो Bitcoin भी प्रभावित हो सकता है। कुछ विश्लेषक ऊंची ब्याज दरों और टेक शेयरों से जुड़ाव को देखते हुए Bitcoin के $50,000 तक गिरने का अनुमान लगा रहे हैं।

आगे का रास्ता अनिश्चितता भरा

ETF से मिले मजबूत इनफ्लो और मुश्किल आर्थिक माहौल का मेल कीमतों में बड़े उतार-चढ़ाव का संकेत दे रहा है। ETF कुछ हद तक सहारा दे रहे हैं, लेकिन बाज़ार महंगाई से जुड़ी खबरों, वैश्विक घटनाओं और फेडरल रिजर्व के फैसलों के प्रति बेहद संवेदनशील बना हुआ है। निवेशकों की मौजूदा रेट कट की उम्मीदें आर्थिक हकीकत से मेल नहीं खातीं, जिससे भविष्य में बाज़ार में भारी उलटफेर का खतरा है। निवेशकों को महंगाई से जुड़ी रिपोर्टों और फेडरल रिजर्व के बयानों पर कड़ी नजर रखनी चाहिए ताकि यह समझा जा सके कि क्या मौजूदा कीमतें बनी रहेंगी या और गिरावट आएगी।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.