Bay Capital CIO Keyur Majmudar: AI रैली हो सकती है धीमी, भारतीय बैंकिंग में दमदार ग्रोथ की उम्मीद

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AuthorMehul Desai|Published at:
Bay Capital CIO Keyur Majmudar: AI रैली हो सकती है धीमी, भारतीय बैंकिंग में दमदार ग्रोथ की उम्मीद

Bay Capital के CIO, Keyur Majmudar, का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्टॉक्स में चल रही तूफानी तेजी अब धीमी पड़ सकती है। वहीं, उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था और बैंकिंग सेक्टर पर भरोसा जताया है।

AI शेयरों की तूफानी तेजी पर लग सकता है ब्रेक

Bay Capital के मैनेजिंग पार्टनर और CIO, Keyur Majmudar, ने ग्लोबल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्टॉक्स में चल रही आक्रामक तेजी पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि कोरियाई बाजारों और अमेरिका की बड़ी कंपनियों के प्रदर्शन के रुझान बताते हैं कि इस सेक्टर की शुरुआती जोरदार रफ्तार अब धीमी पड़ सकती है। निवेशकों के लिए, यह एक संकेत है कि अब AI प्रोजेक्ट्स में साबित रिटर्न पर ध्यान केंद्रित करने का समय आ गया है, न कि सिर्फ सेक्टर-व्यापी मूल्यांकन के विस्तार पर।

भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती

वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद, भारतीय अर्थव्यवस्था का भविष्य मजबूत बना हुआ है। गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) कलेक्शन और परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) जैसे आर्थिक संकेतक लगातार मजबूत गतिविधि का इशारा कर रहे हैं। घरेलू खपत इस ग्रोथ का एक अहम आधार बनी हुई है। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से ग्रोथ के अनुमानों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीदें भी बढ़ रही हैं, क्योंकि कम आयात लागत आम तौर पर औद्योगिक और विनिर्माण क्षेत्र को सहारा देती है।

RBI पॉलिसी और रुपये का आउटलुक

निवेशक यह भी ध्यान दें कि मैक्रोइकोनॉमिक स्थिरता में सुधार के कारण भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पास फिलहाल ब्याज दरों को प्रबंधित करने के लिए अधिक गुंजाइश है। फॉरेन करेंसी नॉन-रेजिडेंट (FCNR) योजनाओं और एक्सटर्नल कमर्शियल बोर्रोइंग (ECB) दिशानिर्देशों से होने वाले इनफ्लो के कारण भारतीय रुपये को सहारा मिलने की उम्मीद है। हालांकि वैश्विक कारक अभी भी अस्थिरता पैदा कर सकते हैं, ये नियामक उपाय मुद्रा को कुछ स्थिरता प्रदान करने के लिए हैं।

बैंकिंग और वित्तीय सेक्टर पर भरोसा

Bay Capital भारतीय बैंकिंग सेक्टर पर सकारात्मक रुख बनाए हुए है। स्वस्थ क्रेडिट ग्रोथ और संपत्ति की गुणवत्ता में सुधार जैसे कई मूलभूत कारण इस भरोसे को मजबूत करते हैं। पहले माइक्रोफाइनेंस संस्थानों (MFIs) में देखी गई क्रेडिट स्ट्रेस में कमी एक उल्लेखनीय विकास है। इसके अलावा, बैंकिंग सेक्टर वर्तमान में अन्य मार्केट सेगमेंट्स की तुलना में कमाई की ग्रोथ और वैल्यूएशन के बीच एक अच्छा संतुलन प्रदान करता है। स्पेशियलिटी लेंडर्स, जिनमें हाई-क्वालिटी नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) और गोल्ड लोन पर ध्यान केंद्रित करने वाली कंपनियां शामिल हैं, अपने विशेष बाजार फोकस के कारण रुचि के क्षेत्र के रूप में देखी जा रही हैं।

निवेशकों को क्या ट्रैक करना चाहिए?

जैसे-जैसे बाजार अगले अर्निंग सीजन में प्रवेश कर रहा है, मैनेजमेंट कमेंट्री स्टॉक चयन के लिए प्राथमिक फिल्टर होगी। निवेशकों को निम्नलिखित पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए:

  • विभिन्न सेक्टर्स में मांग और मार्जिन स्थिरता के बारे में मैनेजमेंट का दृष्टिकोण।
  • कॉर्पोरेट ऑपरेटिंग मार्जिन पर वैश्विक कमोडिटी कीमतों, विशेष रूप से तेल, का प्रभाव।
  • बैंकों और NBFCs की आगामी तिमाही रिपोर्टों में क्रेडिट ग्रोथ के रुझान और एसेट क्वालिटी का खुलासा।
  • टेक्नोलॉजी सेक्टर में कैपिटल एक्सपेंडिचर योजनाओं पर अपडेट, क्योंकि यह AI सेक्टर के स्वास्थ्य का गेज (Gauge) होगा।
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