BNP Paribas को साल के अंत तक निफ्टी में 29,500 तक 14% की तेजी की उम्मीद

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AuthorAditya Rao|Published at:
BNP Paribas को साल के अंत तक निफ्टी में 29,500 तक 14% की तेजी की उम्मीद
Overview

BNP Paribas ने दिसंबर के अंत तक निफ्टी 50 इंडेक्स के 29,500 तक पहुंचने का अनुमान लगाया है, जो 14% की वृद्धि दर्शाएगा। फर्म का कहना है कि आर्थिक सहायता उपायों के शुरुआती सकारात्मक परिणाम दिख रहे हैं और वित्तीय वर्ष 27 के लिए निजी बैंकों, ऑटो और उपभोक्ता प्रधानों (consumer staples) में मजबूत आय वृद्धि की उम्मीद है। वैल्यूएशन की सुविधा के कारण मिड और स्मॉल-कैप की तुलना में लार्ज-कैप शेयरों को प्राथमिकता दी गई है, भले ही FII की बिकवाली और IPO आपूर्ति से कुछ बाधाएं हों।

BNP Paribas भविष्यवाणी करती है कि बेंचमार्क निफ्टी 50 इंडेक्स साल के अंत तक 29,500 पर बंद होगा, जो वर्तमान स्तरों से 14% की महत्वपूर्ण वृद्धि दर्शाएगा। यह अनुमान इसलिए आया है क्योंकि ब्रोकरेज को अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने वाले सरकारी और केंद्रीय बैंक के उपायों के शुरुआती सकारात्मक परिणाम दिख रहे हैं। Q2 FY26 आय सीजन में आम सहमति अनुमान (consensus estimates) स्थिर रहे, जो कॉर्पोरेट प्रदर्शन में सुधार का संकेत देते हैं। पहले आय अनुमानों में कटौती हुई थी क्योंकि उपभोक्ता प्रधान (consumer staples) और ऑटो जैसे क्षेत्रों में वृद्धि और मार्जिन दबाव कम था, लेकिन अब नीति सुधारों (policy reforms) और अनुकूल मैक्रो स्थितियों के कारण उच्च-आवृत्ति संकेतक (high-frequency indicators) ऊपर जा रहे हैं। फर्म घरेलू खपत-उन्मुख क्षेत्रों (domestic consumption-oriented sectors) के प्रति विशेष रूप से सकारात्मक है, और वित्त वर्ष 27 के लिए निजी क्षेत्र के बैंकों, ऑटो और उपभोक्ता प्रधानों (consumer staples) के लिए मजबूत आय वृद्धि की भविष्यवाणी कर रही है। टैरिफ बढ़ोतरी से प्रेरित होकर दूरसंचार क्षेत्र (telecom sector) में भी वृद्धि जारी रहने की उम्मीद है। BNP Paribas लार्ज-कैप शेयरों को पसंद करती है, क्योंकि मिड और स्मॉल-कैप्स की तुलना में उनके सापेक्ष मूल्यांकन (relative valuations) आकर्षक हैं, जो ऐतिहासिक औसत की तुलना में प्रीमियम पर कारोबार कर रहे हैं। रिपोर्ट में भारतीय बाजार के लिए संभावित बाधाओं (headwinds) को भी स्वीकार किया गया है। इनमें नीतिगत प्रोत्साहन (policy stimulus) के लिए सीमित गुंजाइश और विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) की बिकवाली, IPOs, योग्य संस्थागत प्लेसमेंट (QIPs), और प्रमोटर हिस्सेदारी बिक्री (promoter stake sales) से इक्विटी आपूर्ति में वृद्धि शामिल है।

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