एशियाई शेयर बाज़ार फिसले: AI वैल्यूएशन का डर और ईरान तनाव बढ़ा

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AuthorNeha Patil|Published at:
एशियाई शेयर बाज़ार फिसले: AI वैल्यूएशन का डर और ईरान तनाव बढ़ा

एशियाई शेयर बाज़ार बुधवार को गिरे, जिसकी मुख्य वजह AI के वैल्यूएशन को लेकर चिंता और भू-राजनीतिक तनाव का बढ़ना है। तेल की कीमतों में **3%** से ज़्यादा की उछाल देखी गई, ईरान से मिसाइल लॉन्च की ख़बरों के बाद। ये सब अमेरिकी फेडरल रिज़र्व की पॉलिसी पर अपडेट से पहले मार्केट में घबराहट बढ़ा रहा है।

AI वैल्यूएशन पर दबाव

इस साल बाज़ार को आगे बढ़ाने वाला टेक सेक्टर अब काफी अस्थिर हो गया है। निवेशक AI से जुड़ी ग्रोथ की स्थिरता पर सवाल उठा रहे हैं, जिससे बड़ी मात्रा में प्रॉफिट-टेकिंग हो रही है। इसका एक बड़ा उदाहरण दक्षिण कोरिया का KOSPI इंडेक्स है, जो मंगलवार को 10% गिरने के बाद आज 5% और लुढ़क गया। सेमीकंडक्टर कंपनी SK Hynix के तिमाही ऑपरेटिंग प्रॉफिट में छह गुना बढ़ोतरी के बावजूद, उसके शेयर 9% गिर गए। एक्सपर्ट्स का मानना है कि मज़बूत नतीजे भी इस समय टेक स्पेस में प्रीमियम वैल्यूएशन बनाए रखने के लिए काफी नहीं हैं।

भू-राजनीतिक जोखिम और एनर्जी की कीमतें

पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने वैश्विक बाज़ारों में अनिश्चितता ला दी है। तेल की कीमतों में तेज़ी देखी गई, ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 3% बढ़कर $86.80 प्रति बैरल पर पहुँच गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 3% से ज़्यादा बढ़कर $81.95 पर कारोबार कर रहा है। ये तेज़ी ईरान द्वारा मिसाइल लॉन्च की ख़बरों के बाद आई है। इस घटना ने सप्लाई चेन में रुकावट के डर को फिर से जगा दिया है, खासकर महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ के रास्ते में। एनर्जी की बढ़ती कीमतों से एशिया में महंगाई बढ़ सकती है और कंपनियों के मुनाफे पर दबाव आ सकता है।

सेंट्रल बैंक की अनिश्चितता

बाज़ार की नज़रें अब अमेरिकी फेडरल रिज़र्व (US Federal Reserve) के आगामी पॉलिसी ऐलान पर टिकी हैं। ज़्यादातर एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि फेड अभी ब्याज दरों को स्थिर रखेगा। लेकिन बढ़ती महंगाई और तेल की कीमतों में हालिया तेज़ी ने चिंता बढ़ा दी है। अगर एनर्जी की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो सेंट्रल बैंकों को ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रखना पड़ सकता है, जिसका असर इक्विटी वैल्यूएशन पर पड़ता है। निवेशक फेड की मीटिंग के बाद आने वाले बयान पर बारीकी से नज़र रखेंगे, ताकि भविष्य की ब्याज दरों और ग्रोथ व महंगाई के बीच संतुलन को लेकर उनके विचारों का पता चल सके।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.