AI कंप्यूटिंग पावर की दौड़ हुई तेज
AI कंप्यूटिंग पावर के लिए वैश्विक दौड़ तेज हो गई है। AI फर्म Anthropic ने SpaceX के डेटा सेंटर की पूरी 300-मेगावाट क्षमता का इस्तेमाल करने के लिए एक बड़ी डील की है। इस समझौते से Anthropic को 2,20,000 से ज्यादा NVIDIA GPUs की एक्सेस मिलेगी, जो AI डेवलपमेंट के लिए जरूरी हार्डवेयर हैं। Anthropic के CEO Dario Amodei ने कहा कि पहली तिमाही में रेवेन्यू और AI के इस्तेमाल में 80 गुना की अभूतपूर्व बढ़ोतरी हुई है, जिससे उनके कंप्यूटिंग रिसोर्सेज पर दबाव पड़ा है। कंपनी का वैल्यूएशन भी तेजी से बढ़ा है, मई 2026 की शुरुआत में यह $900 अरब से ऊपर तक पहुंच गया, जबकि फरवरी 2026 में यह $380 अरब और सितंबर 2025 में $183 अरब था।
यह भारी मांग डेटा सेंटर क्षमता के रणनीतिक महत्व को रेखांकित करती है और NVIDIA के प्रभुत्व को भी। NVIDIA के पास AI GPU मार्केट का 80% से ज्यादा हिस्सा है और जुलाई 2025 में इसका वैल्यूएशन $5 ट्रिलियन तक पहुंच गया था। इस इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण में NVIDIA की बड़ी AI कंपनियों के साथ पार्टनरशिप अहम है। हालांकि, इस ग्रोथ की रफ्तार और कंप्यूट रिसोर्सेज पर निर्भरता को देखते हुए, स्पेकुलेटिव बबल (speculative bubble) का खतरा भी बढ़ रहा है, जिससे कंपनियां सप्लाई चेन की बाधाओं और बढ़ते खर्चों का सामना कर सकती हैं।
भारत में टेक्नोलॉजी निवेश और डिफेंस का आधुनिकीकरण
दूसरी ओर, भारत टेक्नोलॉजी निवेश को आकर्षित कर रहा है और अपनी रक्षा क्षमताओं को आधुनिक बना रहा है। Apple ने CleanMax के माध्यम से देश के रिन्यूएबल एनर्जी (renewable energy) सेक्टर में ₹100 करोड़ का निवेश किया है, जिससे 150 मेगावाट से ज्यादा क्लीन एनर्जी क्षमता को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, भारत सटीक और टेक्-हैवी (tech-heavy) युद्ध की ओर बढ़ रहा है, जिसका सबूत एडवांस्ड मिसाइल सिस्टम और डिफेंस पर बढ़ा हुआ खर्च है।
कॉर्पोरेट जगत में, Arvind Ltd. अमेरिकी कंपनी Dalco-GFT में 61% हिस्सेदारी $136 मिलियन में खरीदकर अपने एडवांस्ड मैटेरियल्स (advanced materials) के कारोबार का विस्तार कर रहा है। Dalco-GFT, जिसने CY25 में लगभग $100 मिलियन का रेवेन्यू और 17% EBITDA मार्जिन दर्ज किया था, विशेष 'नीडल-पंच्ड नॉन-वोवन फैब्रिक्स' (needle-punched non-woven fabrics) के बाजार में काम करती है। इस अधिग्रहण का मकसद Arvind के एडवांस्ड मैटेरियल्स बिजनेस को उत्तरी अमेरिका के टेक्निकल टेक्सटाइल्स (technical textiles) बाजार में ले जाना है, खासकर डिफेंस, एयरोस्पेस और ऑटोमोटिव जैसे सेक्टर्स में। यह डील पहले साल से ही मार्जिन और EPS में बढ़ोतरी करने की उम्मीद है।
आर्थिक ट्रेंड्स और बाजार की प्रतिक्रिया
आर्थिक मोर्चे पर, भारतीय रुपया 7 मई 2026 को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.74 पर ट्रेड कर रहा था, जो वैश्विक मुद्रा आंदोलनों को दर्शाता है। सोने की कीमतें लगभग $4,705 प्रति औंस के आसपास एक हफ्ते की ऊंचाई पर बनी रहीं।
भारतीय स्मॉल-कैप (small-cap) स्टॉक्स ने मजबूत रिकवरी दिखाई है, Nifty Smallcap Index मार्च की गिरावट के बाद से 24% चढ़ा है। हालांकि, Godrej Consumer Products Ltd. के शेयर 5% तक गिर गए, भले ही उन्होंने Q4 FY26 के नतीजे जारी किए थे जिसमें रेवेन्यू 11% और नेट प्रॉफिट 9.7% बढ़ा था। यह दिखाता है कि बाजार व्यक्तिगत कंपनियों के ग्रोथ आउटलुक और वैल्यूएशन पर कड़ी नजर रख रहा है।
इसके अलावा, बिहार कैबिनेट ने शहरी विकास परियोजनाओं के लिए $500 मिलियन के विश्व बैंक ऋण को मंजूरी दी है।
Tata Trusts को कानूनी चुनौती
Tata Trusts को कानूनी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। बॉम्बे हाई कोर्ट में एक रिट याचिका दायर की गई है जिसमें 8 मई को होने वाली बोर्ड मीटिंग्स को रोकने की मांग की गई है। इन मीटिंग्स में टाटा संस (Tata Sons) बोर्ड के संभावित पुनर्गठन जैसे अहम फैसले लिए जाने की उम्मीद थी, जिससे इस समूह के गवर्नेंस (governance) में अनिश्चितता आ गई है।
भविष्य का दृष्टिकोण
भविष्य की बात करें तो, Anthropic द्वारा अपने AI इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार जारी रखने की उम्मीद है। भारतीय रक्षा क्षेत्र में आधुनिकीकरण के लिए निवेश जारी रहने की संभावना है। FMCG सेक्टर में बदलती उपभोक्ता प्राथमिकताओं और प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा, जबकि भारतीय स्मॉल-कैप स्टॉक्स के प्रति भावना सतर्क रूप से आशावादी बनी हुई है, जिसमें चुनिंदा निवेश की सलाह दी जाती है। Apple का भारत के रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में बढ़ता निवेश, स्थिरता और उभरते बाजारों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को उजागर करता है।
