AI की मदद से रिकॉर्ड तोड़ टैक्स कलेक्शन
आंध्र प्रदेश सरकार ने अप्रैल 2026 में टैक्स कलेक्शन का एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। राज्य ने कुल ₹5,542.7 करोड़ का टैक्स वसूला है, जो अब तक का सबसे बड़ा मासिक आंकड़ा है। इस शानदार कामयाबी के पीछे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की अहम भूमिका रही। AI सिस्टम, UPI एनालिटिक्स और रियल-टाइम डेटा का इस्तेमाल करके कर चोरी करने वालों की पहचान की गई और टैक्स बेस को बढ़ाया गया। राज्य के वाणिज्यिक कर विभाग के मुताबिक, कुल टैक्स कलेक्शन में 12.08% की वृद्धि देखी गई। इसमें सबसे अहम रहा पेट्रोलियम वैट (Petroleum VAT) में 26.7% का उछाल, जिससे ₹1,613 करोड़ का राजस्व मिला। प्रोफेशनल टैक्स से भी कमाई ₹373 करोड़ से बढ़कर ₹517 करोड़ हो गई। नेट GST कलेक्शन में भी 6.8% की बढ़ोतरी के साथ लगभग ₹3,796 करोड़ जमा हुए।
GST 2.0 और फिस्कल डेफिसिट की चुनौती
लेकिन, इस रिकॉर्डतोड़ कलेक्शन के बावजूद, राज्य गंभीर वित्तीय चुनौतियों का सामना कर रहा है। GST 2.0 की नई दरों के कारण सालाना करीब ₹8,000 करोड़ के राजस्व नुकसान का अनुमान है। राष्ट्रीय स्तर पर देखें तो अप्रैल 2026 में GST कलेक्शन ₹2.43 लाख करोड़ तक पहुंचा, जो 8.7% की वृद्धि दिखाता है। पर यह वृद्धि बड़े पैमाने पर आयात पर आधारित टैक्स (Imports-linked taxes) में 25.8% की उछाल के कारण हुई, जबकि घरेलू GST ग्रोथ सिर्फ 4.3% रही। यह दर्शाता है कि देश की घरेलू खपत उतनी मजबूत नहीं है, जिसका असर भविष्य में राज्य के रेवेन्यू पर पड़ सकता है। राज्य की वित्तीय स्थिति की बात करें तो, फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए ₹85,269 करोड़ का फिस्कल डेफिसिट (Fiscal Deficit) अनुमानित है, और कर्ज (Debt) का GSDP से अनुपात 35% है। अनुमान है कि 2026-27 के अंत तक राज्य का कुल पब्लिक डेट लगभग ₹7.11 लाख करोड़ तक पहुँच जाएगा।
क्या AI से मिलेगी लंबी अवधि में राहत?
इसलिए, AI का इस्तेमाल करके टैक्स कलेक्शन बढ़ाना एक सराहनीय कदम है, पर क्या यह लंबी अवधि में राज्य की वित्तीय सेहत सुधारने के लिए काफी होगा? यह एक बड़ा सवाल है। नई GST दरों से होने वाला ₹8,000 करोड़ का अनुमानित नुकसान और राज्य का बढ़ता कर्ज ऐसी चुनौतियाँ हैं जिन पर AI के साथ-साथ मजबूत वित्तीय प्रबंधन की भी जरूरत होगी। आंध्र प्रदेश जहां टेक्नोलॉजी के दम पर रेवेन्यू बढ़ा रहा है, वहीं महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों ने भी स्टेट GST में अच्छी ग्रोथ दिखाई है, और पंजाब तो शानदार ग्रोथ रेट के साथ सबसे आगे रहा।
