###Adani Group की दौलत में उछाल, Reliance पीछे
ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के मुताबिक, गौतम अडानी अब एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति हैं। इस साल उनकी संपत्ति में $8.1 बिलियन का इजाफा हुआ है, जिससे वे ग्लोबल अमीरों की लिस्ट में 19वें स्थान पर आ गए हैं। दूसरी ओर, Reliance Industries के चेयरमैन मुकेश अंबानी $90.8 बिलियन की नेट वर्थ के साथ 20वें स्थान पर हैं। इस साल उनकी संपत्ति में $16.9 बिलियन की गिरावट आई है।
Adani Group का मार्केट कैप बढ़कर ₹15.13 लाख करोड़ हो गया है, जो साल की शुरुआत में ₹14.21 लाख करोड़ था। इसके विपरीत, Reliance Industries के शेयर साल की शुरुआत से अब तक करीब 14% गिर चुके हैं, जिससे कंपनी की मार्केट कैप में लगभग ₹3.82 लाख करोड़ की कमी आई है और यह ₹18.47 लाख करोड़ के आसपास पहुंच गई है।
###Adani की तेजी के पीछे का राज: स्टॉक में उछाल और कानूनी जीत
Adani के इस कमबैक की वजहें साफ हैं। ग्रुप ने दिवालिया Jaiprakash Associates को खरीदा और हाल ही में Competition Commission of India (CCI) से एक बड़ी राहत मिली। CCI ने 16 अप्रैल, 2026 को Adani Group की कंपनियों को 2019 के एक सोलर टेंडर केस में एंटी-कंपेटिटिव प्रैक्टिस के आरोपों से बरी कर दिया। कोर्ट ने कहा कि गलत काम का कोई सबूत नहीं मिला है और टेंडर डिजाइन पॉलिसी के दायरे में था। इस फैसले ने Adani के शेयरों पर मंडरा रहे एक बड़े रेगुलेटरी जोखिम को खत्म कर दिया। साथ ही, स्ट्रैटेजिक अधिग्रहण और निवेशकों का बढ़ता भरोसा भी Adani Group के शेयरों की कीमतों में उछाल ला रहा है।
###Reliance पर एनर्जी मार्केट का दबाव
Mukesh Ambani की Reliance Industries को ग्लोबल एनर्जी की कीमतों में उतार-चढ़ाव और पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है। इससे कंपनी के रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल कारोबार पर असर पड़ा है। इसके अलावा, 27 मार्च, 2026 को सरकार ने डीजल और एविएशन फ्यूल के एक्सपोर्ट पर विंडफॉल टैक्स (Windfall Tax) फिर से लागू कर दिया। इस पॉलिसी बदलाव के कारण Reliance के शेयरों में एक दिन में भारी गिरावट आई और लगभग ₹80,000 करोड़ का नुकसान हुआ। Reliance नए एनर्जी और डिजिटल सेवाओं में विस्तार कर रहा है, लेकिन ये नए वेंचर अभी विकसित हो रहे हैं और कंपनी का वैल्यूएशन काफी हद तक उसके मौजूदा एनर्जी सेक्टर पर निर्भर करता है।
###कर्ज का बोझ: Adani Group बनाम Reliance
Adani Group का कुल ग्रॉस डेट-टू-इक्विटी रेशियो सितंबर 2024 तक घटकर 1.12 पर आ गया, जो पिछले 15 सालों का सबसे निचला स्तर है। यह कर्ज कम करने की उनकी कोशिशों को दिखाता है। हालांकि, Adani Enterprises जैसी कुछ सब्सिडियरी का लीवरेज 1.92 है, जबकि Adani Power का रेशियो सिर्फ 0.3 है। Reliance Industries का फाइनेंशियल स्ट्रक्चर ज्यादा कंजरवेटिव है, जिसका डेट-टू-इक्विटी रेशियो मार्च 2025 तक करीब 0.43 था। पिछले पांच सालों में Reliance का डेट-टू-इक्विटी रेशियो कम हुआ है।
###शेयरों का वैल्यूएशन
Adani Enterprises का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेशियो फिलहाल 78.2 के आसपास है, जो इसके इनक्यूबेशन बिजनेस में ग्रोथ की उम्मीदों को दिखाता है। Reliance Industries का P/E रेशियो 20-22 के बीच है, जो ऑयल और गैस इंडस्ट्री के औसत P/E 13.08 से ज्यादा है। यह बताता है कि निवेशक Reliance की अर्निंग्स के लिए उसकी इंडस्ट्री के मुकाबले ज्यादा भुगतान करने को तैयार हैं, शायद इसके डाइवर्सिफिकेशन और मार्केट डोमिनेंस के कारण।
###दोनों कंपनियों के लिए जोखिम
Adani Group की विस्तार रणनीति काफी हद तक कर्ज पर निर्भर है। Adani Enterprises का डेट-टू-इक्विटी रेशियो 177.8% है। बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए लगातार फंडिंग और सपोर्टिव नीतियों की जरूरत है। Reliance का मुख्य एनर्जी बिजनेस ग्लोबल ऑयल की कीमतों और भू-राजनीतिक घटनाओं के प्रति संवेदनशील है। विंडफॉल टैक्स का फिर से लागू होना सरकारी नीतियों पर उसकी निर्भरता को दिखाता है। डाइवर्सिफिकेशन (जैसे रिटेल, टेलीकॉम, ग्रीन एनर्जी) में आगे बढ़ने की संभावना है, लेकिन इन क्षेत्रों में कड़ी प्रतिस्पर्धा है और भविष्य की प्रॉफिटेबिलिटी अभी स्थापित होनी बाकी है।
###ग्लोबल बिलियनेयर परिदृश्य
दुनिया भर में, एलन मस्क (Tesla, SpaceX) $636 बिलियन से $850 बिलियन की नेट वर्थ के साथ टॉप पर हैं। लैरी पेज (Google) और जेफ बेजोस (Amazon) भी शीर्ष पर हैं। माइकल डेल की संपत्ति $144 बिलियन से ऊपर पहुंच गई है। Adani का एशिया का सबसे अमीर बनना उन्हें इन ग्लोबल दिग्गजों की कतार में खड़ा करता है।
###आगे क्या?
Mukesh Ambani की Reliance Industries एनर्जी मार्केट की चुनौतियों से निपटते हुए नए एनर्जी, रिटेल और डिजिटल सर्विस में विस्तार पर ध्यान देगी। Analysts की राय आम तौर पर पॉजिटिव है, जिनमें Emkay Global, JM Financial, और Motilal Oswal जैसी फर्मों ने 'BUY' रेटिंग और ₹1570-₹1605 के टारगेट प्राइस दिए हैं। Adani Group की भविष्य की सफलता उसके इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और हालिया अधिग्रहणों के इंटीग्रेशन पर निर्भर करेगी। Adani Enterprises के लिए Analysts ₹2,600 से ₹2,630 के शेयर प्राइस का अनुमान लगा रहे हैं, जो ग्रोथ के प्रति सतर्क आशावाद को दर्शाता है।
