Adani Power Adani Group Ki Sabse Badi Company Bani! APSEZ Ko Valuation Mein Piche Chhoda, Share Mein Aai Toofani Tezi

ECONOMY
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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Adani Power Adani Group Ki Sabse Badi Company Bani! APSEZ Ko Valuation Mein Piche Chhoda, Share Mein Aai Toofani Tezi
Overview

Adani Power ने Adani Ports and Special Economic Zone (APSEZ) को पीछे छोड़ते हुए Adani Group की सबसे मूल्यवान कंपनी का दर्जा हासिल कर लिया है। यह उलटफेर Adani Power के शेयरों में आई तूफानी तेजी के दम पर हुआ है, जो भारतीय ऊर्जा क्षेत्र (Energy Sector) के मजबूत ग्रोथ और शानदार परफॉरमेंस का सीधा फायदा उठा रही है।

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Adani Power का मार्केट वैल्यू Adani APSEZ से आगे!

Adani Power का मार्केट वैल्यू (Market Value) अब Adani Ports and Special Economic Zone (APSEZ) से आगे निकल गया है। यह Adani Group के लिए एक बड़ा मोड़ है। Adani Power के शेयरों में हाल में ज़बरदस्त तेजी देखी गई, जो ₹207.40 के 52-हफ्ते के उच्चतम स्तर (52-week high) तक पहुंच गए। हाल ही में इसकी मार्केट वैल्यू लगभग ₹3.87 लाख करोड़ हो गई। यह Adani Power की शानदार परफॉरमेंस APSEZ के स्थिर लेकिन सकारात्मक प्रदर्शन से अलग दिखती है, जिसका वैल्यूएशन लगभग ₹3.63 लाख करोड़ पर है। यह बदलाव दिखाता है कि निवेशकों का झुकाव ग्रुप की एनर्जी और पावर जनरेशन एसेट्स की ओर बढ़ा है, न कि उसके इंफ्रास्ट्रक्चर आर्म की ओर।

भारतीय पावर सेक्टर की ग्रोथ से Adani Power को बूस्ट

Adani Power की यह तूफानी परफॉरमेंस भारत के पावर सेक्टर (Power Sector) में चल रही जोरदार ग्रोथ से सीधे जुड़ी है। अनुमान है कि भारत की बिजली की मांग 2030 तक हर साल लगभग 6.4% बढ़ेगी, जिससे यह ग्लोबल एनर्जी कंजम्पशन में एक बड़ी शक्ति बनेगा। सरकार का 2030 तक 500 GW रिन्यूएबल एनर्जी का लक्ष्य, और साथ ही बिजली की लगातार सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए थर्मल पावर की जरूरत, बिजली की भारी मांग पैदा करती है। भारत के सबसे बड़े प्राइवेट थर्मल पावर प्रोड्यूसर के तौर पर, Adani Power इस मांग से काफी फायदे में है। कंपनी अपनी क्षमता विस्तार (Capacity Expansion) और वित्तीय स्थिति (Financial Health) को बेहतर बनाने पर ध्यान दे रही है। पिछले एक साल में Adani Power के शेयरों में जबरदस्त 81.93% की बढ़ोतरी हुई है, जिसने Tata Power ( 12.16%) और NTPC ( 7%) को काफी पीछे छोड़ दिया। वहीं, 2026 की शुरुआत से अब तक Adani Power के शेयर लगभग 34% बढ़े हैं, जबकि APSEZ के शेयर सिर्फ 6% ही बढ़े हैं। यह पावर सेक्टर पर निवेशकों के मजबूत फोकस को दर्शाता है।

APSEZ का पोर्ट ऑपरेशंस में स्थिर विकास

दूसरी ओर, APSEZ अपने पोर्ट ऑपरेशंस (Port Operations) में लगातार ग्रोथ कर रहा है। भारत के बढ़ते शिपिंग ट्रेड से इसे फायदा हो रहा है, जो देश के कुल व्यापार का 95% है। इस सेक्टर में भी जोरदार ग्रोथ की उम्मीद है, जिसे नेशनल लॉजिस्टिक्स पॉलिसी (National Logistics Policy) जैसे सरकारी उपायों और लागत कम करने तथा दक्षता सुधारने के लिए नए फ्रेट रूट्स का सहारा मिल रहा है। भारत के सबसे बड़े पोर्ट ऑपरेटर के तौर पर, APSEZ की मार्केट में मजबूत पकड़ है। APSEZ की ग्रोथ स्थिर है, लेकिन Adani Power की हालिया उछाल जितनी तेज नहीं। इसके शेयर 2026 में अब तक सिर्फ 6% ही बढ़े हैं। APSEZ की एफिशिएंसी और अलग-अलग पोर्ट लोकेशंस इसकी मजबूत फाइनेंसियल स्थिति को सपोर्ट करते हैं। हाल ही में Fitch Ratings ने कंपनी के आउटलुक को स्टेबल (Stable) किया था। इसका प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेशियो लगभग 29 है, जो Adani Power की हालिया तेजी की तुलना में एक ज्यादा मैच्योर वैल्यूएशन (Mature Valuation) का संकेत देता है।

जोखिम और रेगुलेटरी जांच जारी

हालांकि, दोनों कंपनियों के लिए अभी भी महत्वपूर्ण रिस्क (Risks) बने हुए हैं। Adani Power का P/E रेशियो अब लगभग 32.95 है। यह ग्रोथ की उम्मीदें दिखाता है, लेकिन इसकी पिछली वैल्यूएशन्स और NTPC जैसे साथियों के वैल्यूएशन्स को ध्यान में रखना चाहिए, जिनकी रिटर्न ज्यादा रेगुलेटेड होती है। एनालिस्ट्स (Analysts) के प्राइस टारगेट (Price Targets) Adani Power में मौजूदा स्तरों से संभावित गिरावट का संकेत देते हैं, जिसमें औसत टारगेट ₹180-₹187 के बीच है। यह दिखाता है कि हालिया तेजी शायद पूरी तरह से प्राइस इन (Priced In) हो चुकी है। Adani Group को भी महत्वपूर्ण रेगुलेटरी जांच (Regulatory Scrutiny) का सामना करना पड़ रहा है। गौतम अडानी अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (US Securities and Exchange Commission - SEC) के एक सिविल फ्रॉड केस को खारिज कराने की कोशिश कर रहे हैं। इस केस में Adani Green Energy से जुड़े एक रिश्वतखोरी की योजना का आरोप है, जिसकी एक अहम सुनवाई अप्रैल 2026 में तय है। हाल ही में कंपटीशन कमीशन ऑफ इंडिया (Competition Commission of India) ने एक सोलर टेंडर मामले में Adani Group की कंपनियों को क्लीन चिट दी थी, बिड-रिगिंग (Bid Rigging) के आरोपों को खारिज करते हुए। लेकिन, जारी अमेरिकी कानूनी मामले चिंता का सबब बने हुए हैं। APSEZ की बात करें तो, इसके ऑपरेशंस मजबूत हैं, लेकिन ग्रुप कार्गो पर निर्भरता और ग्लोबल ट्रेड में बदलाव जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं।

एनालिस्ट्स के विचार और ग्रुप का विस्तार

एनालिस्ट्स (Analysts) आम तौर पर दोनों कंपनियों पर पॉजिटिव बने हुए हैं, हालांकि भविष्य की ग्रोथ पोटेंशियल पर अलग-अलग विचार हैं। कई एनालिस्ट्स Adani Power को 'स्ट्रॉन्ग बाय' (Strong Buy) रेटिंग दे रहे हैं, जो पावर सेक्टर की ग्रोथ और कंपनी की प्लान एग्जीक्यूट करने की क्षमता के बारे में आशावादी हैं। APSEZ को भी 23 एनालिस्ट्स से 'स्ट्रॉन्ग बाय' रेटिंग मिली है, जो लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर में इसकी लीडिंग पोजिशन को दर्शाती है। Adani Group का कुल मार्केट वैल्यूएशन साल की शुरुआत से अब तक ₹1.67 लाख करोड़ बढ़कर ₹15.90 लाख करोड़ हो गया है। इस बढ़ोतरी ने गौतम अडानी को फिर से एशिया का सबसे अमीर व्यक्ति बना दिया है, जिनकी नेट वर्थ अप्रैल 2026 तक $92.6 बिलियन थी। ग्रुप के ₹14,535 करोड़ में Jaiprakash Associates की एसेट्स का अधिग्रहण इंफ्रास्ट्रक्चर में इसके आक्रामक विस्तार का संकेत देता है। Adani Power के वैल्यूएशन में यह बदलाव बढ़ती एनर्जी डिमांड और इस अहम सेक्टर में ग्रुप की विस्तार क्षमता में विश्वास को दर्शाता है।

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