राष्ट्रीय शक्ति का दारोमदार ऊर्जा और इंटेलिजेंस पर
CII Business Summit में बोलते हुए Adani Group के चेयरमैन गौतम अडानी ने कहा कि किसी भी देश के लिए सच्ची आत्मनिर्भरता हासिल करने हेतु ऊर्जा स्वतंत्रता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वैश्विक सप्लाई चेन में राष्ट्रीय हितों के अनुसार बदलाव आ रहे हैं, ऐसे में ऐसे व्यापार मार्गों की जरूरत है जो खुले और सुरक्षित दोनों हों।
भविष्य की श्रेष्ठता के दो स्तंभ
अडानी ने 21वीं सदी में राष्ट्रीय शक्ति के लिए ऊर्जा सुरक्षा और डिजिटल इंटेलिजेंस को दो सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ बताया। उन्होंने कहा, "एक देश जो अपनी ऊर्जा को नियंत्रित करेगा, वह अपने औद्योगिक भविष्य को आगे बढ़ाएगा, और एक देश जो अपनी कंप्यूटिंग क्षमता (Compute) को नियंत्रित करेगा, वह इंटेलिजेंस के भविष्य पर राज करेगा।" उन्होंने इस दोहरे नियंत्रण को लंबी अवधि की आर्थिक और भू-राजनीतिक ताकत के लिए महत्वपूर्ण माना।
अमेरिका और चीन का रणनीतिक फोकस
अडानी ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन, दोनों ही ऊर्जा और एडवांस्ड कंप्यूटिंग के क्षेत्र में स्वतंत्रता के महत्व को भली-भांति समझते हैं। उन्होंने इंगित किया कि अपनी अलग-अलग प्रणालियों के बावजूद, दोनों राष्ट्र इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में प्रभुत्व (dominance) स्थापित करने का एक स्पष्ट रणनीतिक लक्ष्य साझा करते हैं। चीन का AI नेतृत्व की ओर केंद्रित प्रयास, विदेशी सेमीकंडक्टर आपूर्ति से स्वतंत्रता हासिल करने के लक्ष्य के साथ, संप्रभु तकनीकी क्षमता की ओर इस वैश्विक प्रवृत्ति को दर्शाता है।
भारत के लिए निहितार्थ
अडानी के इन बयानों को भारत के लिए अपनी ऊर्जा उत्पादन और डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के एक रणनीतिक आह्वान के रूप में देखा गया। उन्होंने घरेलू ऊर्जा स्रोतों को सुरक्षित करना और स्वतंत्र कंप्यूटिंग व AI क्षमताओं का विकास करना न केवल आर्थिक अवसरों के तौर पर, बल्कि भारत के लिए वैश्विक मंच पर अपने स्वयं के औद्योगिक और इंटेलिजेंस भविष्य को आकार देने हेतु महत्वपूर्ण कदम बताया।
