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AI में बंपर इन्वेस्टमेंट, पर कंपनियों में अपनाने की रफ्तार धीमी: बढ़ रही है खाई

ECONOMY
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AuthorNeha Patil|Published at:
AI में बंपर इन्वेस्टमेंट, पर कंपनियों में अपनाने की रफ्तार धीमी: बढ़ रही है खाई
Overview

अमेरिका में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में **$325 बिलियन** का भारी-भरकम इन्वेस्टमेंट हुआ है, जो देश की जीडीपी का **1.1%** है। लेकिन, चौंकाने वाली बात यह है कि इतनी बड़ी रकम खर्च होने के बावजूद केवल **18.9%** अमेरिकी कंपनियां ही AI टूल्स को अपना पा रही हैं।

इन्वेस्टमेंट और इस्तेमाल के बीच बढ़ती दूरी

AI में बड़ी मात्रा में पैसा लगाया जा रहा है, पर यह बड़े पैमाने पर इस्तेमाल में नहीं बदल रहा है। अगले छह महीनों में इसके बढ़कर 22.3% होने का अनुमान है। यह इन्वेस्टमेंट और असल एडॉप्शन (adoption) के बीच की बड़ी खाई यह सवाल खड़े कर रही है कि AI कब और कितनी जल्दी अर्थव्यवस्था को बदलेगा, और क्या AI सेक्टर की वैल्यूएशन (valuations) वाकई जायज हैं।

क्यों धीमी है AI अपनाने की रफ्तार?

बड़ी रकम निवेश के बावजूद, अमेरिकी कंपनियों में AI अपनाने की दर कम है। यह गैप बताता है कि शायद ज्यादातर पैसा रिसर्च या शुरुआती डेवलपमेंट के लिए है, न कि रोजमर्रा के कामों के लिए। कुछ सेक्टर जैसे - सूचना, प्रोफेशनल सर्विसेज, शिक्षा और फाइनेंस - AI को तेजी से अपना रहे हैं। कंप्यूटिंग और वेब होस्टिंग फर्म्स इस मामले में सबसे आगे हैं, जहां 60% कंपनियां AI का इस्तेमाल कर रही हैं, जो राष्ट्रीय औसत से काफी ज्यादा है।

ग्लोबल एडॉप्शन और नौकरी का सच

दुनिया भर में AI को अपनाने की रफ्तार मिली-जुली है। जहां अमेरिका भारी निवेश कर रहा है, वहीं यूरोप और एशिया-प्रशांत जैसे अन्य क्षेत्र अलग-अलग गति से AI को इंटीग्रेट कर रहे हैं और अपनी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। AI स्पेशलिस्ट्स की मांग बढ़ रही है, खासकर लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (large language models) के कारण NLP इंजीनियर की नौकरी के पोस्टिंग में 155% का इजाफा हुआ है। फिर भी, AI वाली नौकरियां कुल लेबर मार्केट का एक छोटा हिस्सा हैं। कनाडा में, AI रोल ऑनलाइन जॉब ऐड्स का 1% से भी कम हैं, मुख्य रूप से टेक और फाइनेंशियल सर्विसेज में। वहीं, डेटा सेंटर्स बनाने से 2022 के बाद से लगभग 212,000 नौकरियां बड़ी हैं। यह कंस्ट्रक्शन बूम एक स्पष्ट आर्थिक बढ़ावा दे रहा है, जो कई व्यवसायों में AI सॉफ्टवेयर के धीमे इस्तेमाल के विपरीत है। कंस्ट्रक्शन से बिजली की मांग भी बढ़ी है, जिससे यूटिलिटी कंपनियों को फायदा हुआ है।

AI बूम की स्थिरता पर चिंताएं

संदेह करने वाले चेता रहे हैं कि AI इन्वेस्टमेंट का मौजूदा बूम टेक्नोलॉजी के पिछले बबल्स (bubbles) जैसा हो सकता है, जैसे डॉट-कॉम एरा (dot-com era), जहां हाई वैल्यूएशंस असल कमाई से आगे निकल गई थीं। वे बढ़ते अमेरिकी बजट घाटे की ओर इशारा करते हैं, जो डॉलर से कैपिटल को दूर कर सकता है और निवेशकों की दिलचस्पी को ठंडा कर सकता है। जबकि एकेडमिक रिसर्च (academic research) बताता है कि AI से प्रोडक्टिविटी 23% तक बढ़ सकती है, कंपनियां लगभग 33% की थोड़ी अधिक एफिशिएंसी गेन (efficiency gains) रिपोर्ट कर रही हैं। हालांकि, मार्केटिंग और कस्टमर सर्विस जैसे AI-सेंसिटिव एरियाज में हर महीने लगभग 5,000 नौकरियों का सिकुड़ना, कंस्ट्रक्शन जॉब ग्रोथ के विपरीत, आर्थिक बदलाव दिखाता है जो शायद सभी को फायदा न पहुंचाए। खास एरियाज में तेज ग्रोथ के बावजूद, AI जॉब मार्केट कुल मिलाकर छोटा है, और तेज इन्वेस्टमेंट सभी निवेशकों के लिए त्वरित लाभ की गारंटी नहीं देता।

AI एडॉप्शन के भविष्य की संभावनाएं

आगे चलकर, एनालिस्ट्स (analysts) उम्मीद करते हैं कि IT सेक्टर की कमाई 2026 में मजबूत बढ़ेगी, AI इंटीग्रेशन से लगातार डबल-डिजिट गेन (double-digit gains) होंगे। AI एडॉप्शन को प्रोडक्टिविटी बढ़ाने और लॉन्ग-टर्म इकोनॉमिक ग्रोथ (long-term economic growth) के लिए एक ड्राइवर के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, इन फायदों को हासिल करना इस बात पर निर्भर करता है कि कंपनियां AI को सफलतापूर्वक इंटीग्रेट करती हैं और भारी इन्वेस्टमेंट को असली बिजनेस रिजल्ट्स में बदलती हैं, साथ ही वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करती हैं। कुल मिलाकर आउटलुक पॉजिटिव है, लेकिन निवेशकों को वैल्यूएशंस और AI के असल इस्तेमाल पर नजर रखनी चाहिए।

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