AI का जादू चला, बाजार रिकॉर्ड पर
एशियाई शेयर बाजार में आज ऐतिहासिक दिन रहा। जापान, दक्षिण कोरिया और ताइवान जैसे देशों के शेयर बाजार नई ऊंचाइयों पर पहुंचे। MSCI का एशिया-पैसेफिक इंडेक्स 1% चढ़ गया, जिसमें टेक कंपनियों का दबदबा रहा। जापान का Nikkei 225 लगातार दूसरे दिन 60,000 के पार रहा। यह तेजी ऐसे समय आई जब ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) $102 प्रति बैरल के पार था और ईरान ने स्ट्रेट ऑफ Hormuz में दो जहाजों पर कब्जा कर लिया था। निवेशकों ने इन जोखिमों को नजरअंदाज कर AI (Artificial Intelligence) से जुड़ी कंपनियों की मजबूत कमाई के आउटलुक पर दांव लगाया। अमेरिकी बाजारों में भी यही ट्रेंड दिखा, जहां S&P 500 1% और Nasdaq Composite 1.6% चढ़कर रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुए।
AI ही क्यों? कंपनियों के नतीजे बोले
अलग-अलग कंपनियों के नतीजों ने AI के क्रेज को और हवा दी। GE Vernova के शेयर 13.75% उछल गए, क्योंकि कंपनी ने AI बूम का हवाला देते हुए अपने सालाना रेवेन्यू के अनुमान बढ़ाए। Boeing के शेयर 5% से ज्यादा बढ़े, हालांकि कंपनी को उम्मीद से कम तिमाही घाटा हुआ। वहीं, Tesla के शेयरों में 2% की गिरावट आई, भले ही कंपनी ने पहली तिमाही में उम्मीद से ज्यादा फ्री कैश फ्लो (Free Cash Flow) दर्ज किया। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि निवेशक ऑटोमेकर के AI और रोबोटिक्स पर भारी-भरकम खर्च की योजनाओं को लेकर थोड़े शंकित हैं।
चिंता की लकीरें: क्या यह तेजी टिकाऊ है?
यह चिंताएं भी हैं कि बाजार की यह तेजी कितनी टिकाऊ है। स्ट्रेट ऑफ Hormuz की घटना से तनाव बढ़ सकता है, जो ग्लोबल एनर्जी मार्केट और महंगाई (Inflation) को प्रभावित कर सकता है। GE Vernova और Boeing जैसी कंपनियां अपने खास कारणों से आगे बढ़ रही हैं, लेकिन उनके सामने बड़े मैक्रो इकोनॉमिक हेडविंड्स (Macroeconomic headwinds) भी हैं। Tesla के AI और रोबोटिक्स में भारी निवेश का फायदा निकट भविष्य में दिखना मुश्किल हो सकता है, खासकर अगर EV बाजार में Competition बढ़ती है। ब्रोकरेज फर्म Morgan Stanley का कहना है कि AI पर अत्यधिक निर्भरता महंगाई के दबावों को छिपा सकती है। नेशनल ऑस्ट्रेलिया बैंक के एनालिस्ट Skye Masters ने चेतावनी दी है कि यह अंततः बाजार की भावना को प्रभावित कर सकता है।
