दुनिया भर के निवेशक AI से जुड़े टेक स्टॉक्स को बेच रहे हैं, क्योंकि उन्हें ओवरवैल्यूड मार्केट बबल का डर सता रहा है। वहीं, भारत के लिए अच्छी खबर आई है, गोल्डमैन सैक्स ने कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के चलते 2026 के लिए GDP ग्रोथ फोरकास्ट को **6.8%** तक बढ़ा दिया है। यह भारतीय निवेशकों के लिए एक जटिल तस्वीर पेश करता है, जो ग्लोबल अस्थिरता के बीच रास्ता तलाश रहे हैं।
क्या हुआ?
इस हफ्ते ग्लोबल फाइनेंशियल मार्केट्स में भारी उठापटक देखने को मिली है, क्योंकि निवेशक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सेमीकंडक्टर कंपनियों के वैल्यूएशन को लेकर शंका में हैं। 23 और 24 जून 2026 को, अमेरिका के टेक्नोलॉजी इंडेक्स, जिसमें Nasdaq भी शामिल है, में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। चिंताएं बढ़ रही हैं कि AI पर भारी खर्च से तत्काल या पर्याप्त वित्तीय रिटर्न नहीं मिलेगा। इस ग्लोबल 'टेक सेल-ऑफ' को इस डर से बढ़ावा मिला है कि यह सेक्टर एक बबल (bubble) की स्थिति में हो सकता है, जो पिछली बाजार सुधारों की याद दिलाता है।
इसके विपरीत, भारत का मैक्रोइकॉनॉमिक आउटलुक मजबूत हुआ है। अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते जैसे एक बड़े भू-राजनीतिक विकास के बाद, वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट आई है, जिसने भारत की आर्थिक स्थिति को बल दिया है।
