8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th CPC) ने डेटा जमा करने के लिए अपना आधिकारिक पोर्टल लॉन्च कर दिया है। अब सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए यह काम 31 जुलाई, 2026 तक पूरा किया जा सकेगा। यह फैसला लगभग 1.2 करोड़ केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारियों के वेतन और पेंशन की समीक्षा पर असर डालेगा।
8वें वेतन आयोग का पोर्टल और नई समय-सीमा
8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th CPC) ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए मुआवजा ढांचे (compensation structure) की समीक्षा प्रक्रिया में एक अहम कदम उठाया है। आयोग ने अपना आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च कर दिया है। अब सभी सरकारी विभाग, कर्मचारी यूनियन और प्रतिनिधि समूह data.8cpc.gov.in पर जाकर अपना डेटा और फीडबैक जमा कर सकेंगे।
डेटा जमा करने के नियम और बढ़ाई गई अंतिम तारीख
आयोग ने व्यापक समीक्षा सुनिश्चित करने के लिए, सरकारी विभागों द्वारा डेटा जमा करने की अंतिम तारीख को बढ़ाकर 31 जुलाई, 2026 कर दिया है। यह स्पष्ट किया गया है कि आयोग केवल इसी डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्राप्त डेटा पर ही विचार करेगा। किसी भी प्रकार के फिजिकल दस्तावेज, ईमेल या स्प्रेडशीट स्वीकार नहीं किए जाएंगे। इसलिए, डेटा संग्रह प्रक्रिया में शामिल सभी नोडल अधिकारियों के लिए डिजिटल अनुपालन अनिवार्य है। इस केंद्रीकृत पोर्टल के ज़रिए करीब 50 लाख कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनभोगियों से संबंधित विशाल जानकारी को सुव्यवस्थित किया जाएगा।
आयोग की संरचना और परामर्श का दायरा
इस आयोग की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश रंजन प्रकाश देसाई (Justice Ranjana Prakash Desai) कर रही हैं। प्रोफेसर पुलक घोष (Professor Pulak Ghosh) (IIM बैंगलोर) पार्ट-टाइम सदस्य और पंकज जैन (Pankaj Jain), पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव, सदस्य-सचिव के रूप में शामिल हैं। 3 नवंबर, 2025 को परिचालन शुरू करने के बाद से, आयोग देश भर में व्यापक परामर्श कर रहा है। इस समीक्षा का दायरा काफी बड़ा है, जिसमें औद्योगिक और गैर-औद्योगिक कर्मचारी, रक्षा बल और अखिल भारतीय सेवाएं (All India Services), न्यायिक अधिकारी और विभिन्न नियामक निकायों के कर्मचारी शामिल हैं। हालांकि, भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) को इस प्रक्रिया से बाहर रखा गया है।
ऐतिहासिक संदर्भ और वित्तीय प्रभाव
सरकारी कर्मचारियों के लिए वर्तमान मुआवजा 7वें वेतन आयोग (7th Pay Commission) के तहत निर्धारित है, जिसमें न्यूनतम मूल वेतन ₹18,000 और न्यूनतम पेंशन ₹9,000 थी, जिसमें फिटमेंट फैक्टर (fitment factor) 2.57 का उपयोग किया गया था। वर्तमान में महंगाई भत्ता (Dearness Allowance) और महंगाई राहत (Dearness Relief) 60% पर है। 8वां वेतन आयोग इन संरचनाओं का मूल्यांकन करेगा कि वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों को दर्शाने के लिए इनमें कैसे सुधार किया जाना चाहिए। ऐतिहासिक रूप से, वेतन आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट देने में करीब 18 महीने लगते हैं। 2025 के अंत में शुरू हुई प्रक्रिया को देखते हुए, बाजार विश्लेषकों को उम्मीद है कि अंतिम सिफारिशें फरवरी और अप्रैल 2027 के बीच घोषित की जा सकती हैं। निवेशकों और नीति निर्माताओं के लिए यह एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है, क्योंकि वेतन और पेंशन में वृद्धि का सीधा असर केंद्र सरकार के राजकोषीय घाटे (fiscal deficit) और व्यापक उपभोक्ता खर्च पैटर्न पर पड़ता है।
