30-Year Treasury Yields 2007 के पार! बॉन्ड मार्केट में बढ़ी चिंता, क्या है वजह?

ECONOMY
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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
30-Year Treasury Yields 2007 के पार! बॉन्ड मार्केट में बढ़ी चिंता, क्या है वजह?

अमेरिकी बॉन्ड मार्केट में हलचल है! 30-साल के ट्रेजरी यील्ड (Treasury Yield) 2007 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गए हैं। फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) द्वारा ब्याज दरों को स्थिर रखने के फैसले के बाद यह स्थिति बनी है, जिससे निवेशकों में महंगाई (Inflation) और फिस्कल डेफिसिट (Fiscal Deficit) को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

बॉन्ड मार्केट का अलार्म: 2007 के बाद सबसे ज़्यादा यील्ड!

अमेरिकी बॉन्ड मार्केट इस समय महंगाई (Inflation) और फिस्कल डेफिसिट (Fiscal Deficit) को लेकर गंभीर चिंताएं जता रहा है। 30-साल के ट्रेजरी बॉन्ड का यील्ड (Yield) 2007 के बाद के उच्चतम स्तर पर जा पहुंचा है। यह स्थिति फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) द्वारा लगातार पांचवीं बार ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखने के फैसले के ठीक बाद आई है। बाज़ार इस फैसले को महंगाई पर फेड की पकड़ को उम्मीद से कमज़ोर मान रहा है।

फेड की पॉलिसी पर बाज़ार का शक

फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श (Kevin Warsh) भले ही महंगाई को काबू में रखने के अपने वादे पर जोर दे रहे हों, लेकिन बाज़ार की प्रतिक्रिया कुछ और ही कहानी कह रही है। निवेशकों का ध्यान अब कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों पर है, जो $90 प्रति बैरल के करीब चल रही हैं। ऐसा लगता है कि बाज़ार, जिसे 'बॉन्ड विजिलेंटेस' (Bond Vigilantes) भी कहा जाता है, खुद ही वित्तीय स्थिति को सख्त कर रहा है, जिससे लंबी अवधि के यील्ड (Yield) बढ़ रहे हैं।

आर्थिक ग्रोथ और इक्विटी पर असर?

यील्ड कर्व (Yield Curve) का तेज़ी से ऊपर जाना, जो 1990 के दशक के मध्य के बाद सबसे ज़्यादा है, वित्तीय बाज़ारों के लिए एक चुनौतीपूर्ण माहौल बना रहा है। जब लंबी अवधि के यील्ड बढ़ते हैं, तो व्यवसायों और उपभोक्ताओं के लिए कर्ज लेने की लागत बढ़ जाती है। यह आर्थिक ग्रोथ (Economic Growth) को धीमा कर सकता है और भविष्य के कॉर्पोरेट मुनाफे (Corporate Earnings) के वर्तमान मूल्य को कम कर सकता है, जिसका सीधा असर स्टॉक वैल्यूएशन (Stock Valuations) पर पड़ता है। फेड के हालिया फैसले के बाद, Nasdaq Composite और S&P 500 जैसे प्रमुख अमेरिकी इक्विटी सूचकांकों (Equity Indices) में गिरावट देखी गई।

आगे क्या देखना होगा?

निवेशकों के लिए सबसे बड़ा जोखिम यह है कि लगातार महंगाई और बढ़ते सरकारी घाटे की चिंताएं लंबी अवधि की दरों को ऊंचा रख सकती हैं, भले ही फेड छोटी अवधि की नीतिगत दरों को न बढ़ाए। इस बदले हुए यील्ड माहौल में वैल्यूएशन मल्टीपल्स (Valuation Multiples) का पुनर्मूल्यांकन करना पड़ सकता है, खासकर उन कंपनियों के लिए जो विस्तार के लिए कर्ज पर निर्भर करती हैं या जिनकी ग्रोथ की उम्मीदें ज़्यादा हैं। आने वाले हफ्तों में, फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) के भविष्य के संचार (Communication) और आने वाले आर्थिक आंकड़े (Data) महत्वपूर्ण होंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.