Honasa Consumer Share Price: Mamaearth की पेरेंट कंपनी ने Q3 में मचाया धमाल, लेकिन वैल्युएशन की चिंता बरकरार

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AuthorSaanvi Reddy | Whalesbook News Team

Overview

Mamaearth की पेरेंट कंपनी Honasa Consumer के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। कंपनी ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त तिमाही (Q3 FY26) में अब तक का सबसे ज्यादा **₹601.5 करोड़** का रेवेन्यू दर्ज किया है, वहीं नेट प्रॉफिट में **93%** की जोरदार उछाल के साथ यह **₹50.2 करोड़** पर पहुंच गया है।

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Q3 में कमाई का रिकॉर्ड

13 फरवरी, 2026 को जारी हुए Honasa Consumer के तीसरी तिमाही के नतीजे उम्मीद से कहीं बेहतर रहे। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल की इसी तिमाही की तुलना में 16.23% बढ़कर ₹601.5 करोड़ हो गया, जो कि कंपनी के इतिहास का सबसे बड़ा तिमाही रेवेन्यू है। वहीं, नेट प्रॉफिट 92.9% की भारी बढ़त के साथ ₹50.2 करोड़ पर पहुंच गया, जबकि पिछले साल की तीसरी तिमाही में यह ₹26.02 करोड़ था। कंपनी का EBITDA मार्जिन भी सुधरकर 10.9% हो गया, जो पिछले साल के 5% से काफी बेहतर है। नतीजों के बाद शेयर में 6.5% की तेजी देखी गई, जो ₹310.05 तक जा पहुंचा।

बाजार में मजबूत पकड़ और वैल्युएशन की चुनौती

भारतीय ब्यूटी और पर्सनल केयर (BPC) बाजार तेजी से बढ़ रहा है, जिसके साल 2030 तक $40 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है। Honasa Consumer, रेवेन्यू के मामले में भारत की सबसे बड़ी डिजिटल-फर्स्ट BPC कंपनी है और इसका मुख्य ब्रांड Mamaearth भारत के टॉप स्किनकेयर ब्रांड्स में तीसरे स्थान पर है। इन सब के बावजूद, कंपनी का वैल्युएशन अभी भी चिंता का विषय बना हुआ है। स्टॉक का ट्रेलिंग ट्वेल्व मंथ (TTM) P/E रेश्यो लगभग 75x है, जो Marico या Dabur जैसे स्थापित FMCG दिग्गजों (जिनका P/E 40-60x के आसपास है) की तुलना में काफी ज्यादा है। यह दर्शाता है कि बाजार कंपनी से लगातार मजबूत नतीजों की उम्मीद कर रहा है। पिछले तीन सालों में कंपनी का रेवेन्यू ग्रोथ 26.04% रहा है, लेकिन प्रॉफिट ग्रोथ में उतार-चढ़ाव देखा गया है, जिसमें पिछले साल -47.02% की गिरावट आई थी, हालांकि इस तिमाही में इसने शानदार वापसी की है।

पिछली तिमाही की दिक्कतें और जोखिम

हाल की कमाई की खुशी के बावजूद, कुछ पुरानी समस्याएं अभी भी कंपनी का पीछा कर रही हैं। दूसरी तिमाही (Q2 FY25) में ₹65 करोड़ का इन्वेंट्री राइट-ऑफ और नेगेटिव EBITDA मार्जिन कंपनी की कमजोरियों को उजागर करते हैं। 'प्रोजेक्ट नीव' के तहत डिस्ट्रीब्यूशन में बड़े बदलाव के कारण कंपनी को शुरुआत में काफी परेशानी हुई थी। कंपनी ने यह भी माना है कि ऑनलाइन बिजनेस का मॉडल सीधे ऑफलाइन में लागू करना चुनौतीपूर्ण रहा। इसके अलावा, कंपनी का पिछले तीन सालों का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 1.87% रहा है, और प्रमोटर की गिरवी रखी गई होल्डिंग में भी कुछ बढ़ोतरी देखी गई। कंपनी ने फ्लिपकार्ट की नीतियों में बदलाव के कारण रेवेन्यू रिकग्निशन में 28% का असर और कर्मचारी खर्चों में वृद्धि के बावजूद ग्रॉस मार्जिन में फ्लैट ग्रोथ की बात कही है। शेयर अभी भी अपने IPO प्राइस ₹324 से नीचे ₹301.45 के आसपास कारोबार कर रहा है।

आगे की राह और एनालिस्ट्स का नज़रिया

एनालिस्ट्स Honasa Consumer के लिए मिले-जुले संकेत दे रहे हैं। औसत 12-महीने का प्राइस टारगेट ₹330-340 के आसपास है, जो मौजूदा स्तरों से 12-13% की संभावित बढ़ोतरी का संकेत देता है। कुछ एनालिस्ट्स ने टारगेट प्राइस बढ़ाकर ₹330 किया है, जो कंपनी की बढ़ती प्रॉफिटेबिलिटी और ग्रोथ की उम्मीदों पर आधारित है। दूसरी ओर, कुछ ब्रोकरेज ₹270 का टारगेट भी दे रहे हैं और कंपनी से लगातार ग्रोथ बनाए रखने की अपेक्षा कर रहे हैं। Mamaearth की डबल-डिजिट ग्रोथ पर वापसी, नए सेगमेंट (जैसे पुरुषों के ग्रूमिंग) में विस्तार और मुख्य कैटेगरी पर फोकस Honasa Consumer के लिए भविष्य में अपनी वैल्युएशन को सही ठहराने के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे।

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