EY की बजट 2026 पर चेतावनी: नए टैक्स एक्ट में स्पष्टता का अभाव, अनिश्चितता का जोखिम

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
EY की बजट 2026 पर चेतावनी: नए टैक्स एक्ट में स्पष्टता का अभाव, अनिश्चितता का जोखिम
Overview

आगामी यूनियन बजट से पहले, अर्न्स्ट एंड यंग (EY) ने भारत के नए आयकर अधिनियम, 2025 में महत्वपूर्ण अनसुलझे मुद्दों को उजागर किया है, जो 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होने वाला है। EY चेतावनी देता है कि स्पष्ट संक्रमण नियमों (transition rules) की अनुपस्थिति, डीमर्जर जैसे कॉर्पोरेट पुनर्गठन पर मार्गदर्शन, और शेयर बायबैक कराधान में अस्पष्टताएं कर निश्चितता (tax certainty) को कमजोर कर सकती हैं और व्यावसायिक संचालन को बाधित कर सकती हैं।

नए एक्ट के लागू होने से पहले कर अनिश्चितता की आशंका

अर्न्स्ट एंड यंग (EY) ने यूनियन बजट से कुछ हफ्ते पहले एक गंभीर चेतावनी जारी की है, जिसमें नए आयकर अधिनियम 2025 के आसपास महत्वपूर्ण अनिश्चितताओं को उजागर किया गया है। यह महत्वपूर्ण कानून 1 अप्रैल, 2026 को 1961 के आयकर अधिनियम की जगह लेगा। EY का विश्लेषण बताता है कि तत्काल स्पष्टता के बिना, कर निश्चितता और सुव्यवस्थित व्यावसायिक संचालन के लिए सरकार के एजेंडे को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

संक्रमण जोखिमों पर ध्यान नहीं

EY द्वारा पहचाना गया सबसे गंभीर चिंता का विषय संक्रमण नियमों (transition rules) की स्पष्ट अनुपस्थिति है। पुराने से नए शासन में बदलाव को नेविगेट करने के लिए करदाताओं के लिए निर्धारित प्रपत्र (prescribed forms) और विस्तृत मार्गदर्शन महत्वपूर्ण हैं। यदि यह मार्गदर्शन तुरंत उपलब्ध नहीं होता है, तो व्यवसाय चल रहे मूल्यांकन (assessments), कैरी-फॉरवर्ड प्रावधानों और पिछली (legacy) लेन-देन के संबंध में संभावित भ्रम के लिए तैयार हैं।

कॉर्पोरेट कार्यों में अस्पष्टताएं

वैधानिक भाषा में बदलावों ने विवाद के विशिष्ट बिंदु बनाए हैं। EY ने फास्ट-ट्रैक डीमर्जर (fast-track demergers) के आसपास की अनिश्चितताओं की ओर इशारा किया है, जो व्यापार करने में आसानी को बढ़ावा देने के लिए एक सरकारी पहल है। शेयर बायबैक (share buybacks) के कराधान पर भी अस्पष्टता छाई हुई है, जिसका संभावित प्रभाव इस बात पर पड़ेगा कि लाभ का इलाज कैसे किया जाता है और कॉर्पोरेट पूंजी आवंटन निर्णयों (corporate capital allocation decisions) पर क्या असर पड़ता है। फर्म ने नोट किया कि बायबैक को अधिग्रहण लागत (acquisition costs) के लिए कटौती की अनुमति दिए बिना निहित लाभांश (deemed dividends) माना जा सकता है, जिससे निवेशकों के लिए परिणाम बदल सकते हैं।

ESOPs और मूल्यांकन नियमों पर सवाल

गैर-स्टार्टअप कंपनियों के लिए कर्मचारी स्टॉक विकल्प (ESOPs) का कर उपचार अभी भी अस्पष्ट है। EY ने उजागर किया कि लिक्विडिटी इवेंट (liquidity event) तक ESOP कराधान को स्थगित करने का वर्तमान लाभ, जिसका स्टार्टअप्स आनंद लेते हैं, समान रूप से विस्तारित नहीं हो सकता है। इसके अलावा, शेयर अधिग्रहण (share acquisitions) से संबंधित एंटी-अ्यूज प्रावधान (anti-abuse provisions) एक चिंता का विषय हैं, क्योंकि लंबित मूल्यांकन नियम (valuation rules) अनजाने में वास्तविक वाणिज्यिक सौदों को कर के दायरे में ला सकते हैं।

बजट में अवसर

EY इस बात पर जोर देता है कि इनमें से कई मुद्दों के लिए केवल प्रशासनिक स्पष्टीकरण नहीं, बल्कि विधायी संशोधनों (legislative amendments) की आवश्यकता है। आगामी यूनियन बजट सरकार के लिए इन कमियों को दूर करने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रस्तुत करता है। उद्योग पर्यवेक्षक नोट करते हैं कि जैसे-जैसे नई व्यवस्था नजदीक आ रही है, निवेशक विश्वास बनाए रखने और टालने योग्य कर विवादों को रोकने के लिए स्पष्ट निर्देश आवश्यक हैं।

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