वारंट्स से जुटाए जाएंगे ₹8.50 करोड़
Velox Shipping and Logistics Ltd के बोर्ड ने कंपनी की कैपिटल स्ट्रक्चर को मजबूत करने के उद्देश्य से 2,83,33,333 कनवर्टिबल वारंट्स को 35 नॉन-प्रमोटर निवेशकों को जारी करने की हरी झंडी दे दी है। इस सौदे से कंपनी को तुरंत ₹8.50 करोड़ की पूंजी मिलने की उम्मीद है।
प्रत्येक वारंट का इश्यू प्राइस ₹12 रखा गया है, और इन्हें ₹10 फेस वैल्यू वाले एक इक्विटी शेयर में बदलने का अधिकार होगा। निवेशकों ने प्रति वारंट ₹3 की शुरुआती सब्सक्रिप्शन राशि का भुगतान कर दिया है, जिससे कंपनी को करीब ₹8.50 करोड़ की शुरुआती फंडिंग मिल गई है। शेयरों में इन वारंट्स का कन्वर्जन (conversion) तब होगा जब निवेशक शेष ₹9 प्रति वारंट का भुगतान करेंगे।
इस प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट (preferential allotment) का लक्ष्य कंपनी की फाइनेंशियल पोजीशन को मजबूत करना है, जिससे भविष्य में ऑपरेशनल एक्सपेंशन (operational expansion) या डेट (debt) कम करने में मदद मिल सके। हालांकि, वारंट्स के इक्विटी शेयर्स में सफलतापूर्वक कन्वर्जन होने पर मौजूदा शेयरहोल्डर्स के लिए डिल्यूशन (dilution) का रिस्क बढ़ सकता है, क्योंकि कुल आउटस्टैंडिंग शेयर्स की संख्या में वृद्धि होगी।
Velox Shipping ने पहले भी इसी तरह के फाइनेंसिंग इंस्ट्रूमेंट्स (financing instruments) का इस्तेमाल किया है। पिछले साल अगस्त 2025 में भी कंपनी के बोर्ड ने प्रमोटर्स को कनवर्टिबल वारंट्स जारी करने की मंजूरी दी थी, जो कैपिटल जनरेशन के लिए कंपनी के लगातार नजरिए को दर्शाता है।
कंपनी और निवेशकों के लिए एक अहम रिस्क यह है कि वारंट्स का कन्वर्जन पूरा न हो। यदि अलॉटीज (allottees) तय अवधि के भीतर शेष ₹9 प्रति वारंट का भुगतान करने में विफल रहते हैं, तो उनका शुरुआती निवेश जब्त कर लिया जाएगा। इसके अलावा, Velox Shipping and Logistics Ltd को 2023 की शुरुआत में कुछ डिस्क्लोजर नॉर्म्स (disclosure norms) का पालन न करने पर SEBI द्वारा पेनाल्टी (penalty) भी लगाई गई थी।
लॉजिस्टिक्स और शिपिंग सेक्टर में काम करने वाली Velox Shipping, The Shipping Corporation of India Ltd (SCI), Great Eastern Shipping Co Ltd, और Container Corporation of India Ltd (CONCOR) जैसी बड़ी और स्थापित कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है।
निवेशक वारंट अलॉटीज द्वारा समय पर शेष राशि के भुगतान और इन नई जुटाई गई फंड्स के उपयोग के संबंध में किसी भी भविष्य की घोषणा पर नजर रखेंगे। इस तरह के इंस्ट्रूमेंट्स के माध्यम से कैपिटल जुटाने की कंपनी की रणनीति भी जांच का विषय रहेगी।