SEBI नियमों का पालन, अंदरूनी ट्रेडिंग पर रोक
SEBI (सेबी) के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए, Trade Wings Limited ने 1 अप्रैल, 2026 से अपनी ट्रेडिंग विंडो को बंद करने का फैसला किया है। यह पाबंदी कंपनी के चौथी तिमाही (Q4) और पूरे फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के ऑडिटेड नतीजों के सार्वजनिक होने के 48 घंटे बाद तक लागू रहेगी। इस कदम का मुख्य उद्देश्य कंपनी के अंदरूनी लोगों, जैसे कि 'डेजिग्नेटेड पर्सन्स' (Designated Persons) और उनके करीबी रिश्तेदारों को, कीमतों को प्रभावित करने वाली अहम जानकारी (Unpublished Price Sensitive Information) का इस्तेमाल करके शेयर की खरीद-बिक्री से रोकना है। यह प्रक्रिया इनसाइडर ट्रेडिंग (Insider Trading) को रोकने और शेयर बाजार में निष्पक्षता व पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एक मानक रेगुलेटरी प्रैक्टिस है।
कंपनी की पृष्ठभूमि और हालिया परफॉर्मेंस
Trade Wings, जिसकी स्थापना साल 1949 में हुई थी, भारत की एक स्थापित ट्रैवल और टूरिज्म कंपनी है। इसके कारोबार में मुख्य रूप से टूर पैकेज, टिकटिंग और फॉरेक्स (विदेशी मुद्रा) सेवाएं शामिल हैं, जिनसे कंपनी को सबसे ज्यादा रेवेन्यू आता है। इसके अलावा, कंपनी कार्गो और होटल ऑपरेशंस में भी अपनी उपस्थिति रखती है।
हालिया वित्तीय नतीजों की बात करें तो, दिसंबर 2025 में समाप्त नौ महीनों के दौरान Trade Wings ने ₹20,119.40 लाख का रेवेन्यू दर्ज किया था। वहीं, फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की तीसरी तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹1.21 करोड़ रहा।
इंडस्ट्री में जगह
Trade Wings, ट्रैवल सेक्टर में Thomas Cook India और EaseMyTrip जैसी बड़ी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है। इस तरह की ट्रेडिंग विंडो क्लोजर की प्रक्रिया ट्रैवल और अन्य इंडस्ट्री की लिस्टेड कंपनियों के लिए एक आम बात है, जो उन्हें रेगुलेटरी कंप्लायंस (Regulatory Compliance) बनाए रखने में मदद करती है।
