Ravindra Energy: पोर्ट्स में EV का बोलबाला! मिला बड़ा 'इलेक्ट्रिक' डील, CO2 उत्सर्जन में भारी कटौती का लक्ष्य

TRANSPORTATION
Whalesbook Corporate News Logo
AuthorMehul Desai|Published at:
Ravindra Energy: पोर्ट्स में EV का बोलबाला! मिला बड़ा 'इलेक्ट्रिक' डील, CO2 उत्सर्जन में भारी कटौती का लक्ष्य
Overview

Ravindra Energy की एसोसिएट कंपनी Energy In Motion (EIM) ने Transvolt Mobility Private Limited के साथ हाथ मिलाया है। इस डील के तहत **66** बैटरी-स्वैपेबल इलेक्ट्रिक हैवी व्हीकल्स की सप्लाई की जाएगी। ये EIM-Foton 55-टन ई-ट्रैक्टर अप्रैल 2026 तक Kandla और Jawaharlal Nehru Ports में इंट्रा-पोर्ट लॉजिस्टिक्स के लिए तैनात किए जाएंगे, जिनका मकसद सालाना लगभग **3300 टन** CO2 उत्सर्जन कम करना है।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

Ravindra Energy का इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में बड़ा कदम!

Ravindra Energy की सहयोगी कंपनी Energy In Motion (EIM) ने Transvolt Mobility Private Limited के साथ एक अहम एग्रीमेंट किया है। इस समझौते के अनुसार, EIM, Transvolt Mobility को 66 बैटरी-स्वैपेबल इलेक्ट्रिक हैवी व्हीकल्स की आपूर्ति करेगी। ये खास तौर पर EIM-Foton 55-टन 'Ashwa' ई-ट्रैक्टर हैं। इन्हें अप्रैल 2026 तक Kandla और Jawaharlal Nehru Ports (JNPT) में पोर्ट के अंदरूनी लॉजिस्टिक्स (intra-port logistics) के लिए तैनात किया जाएगा। इस पहल से सालाना लगभग 3300 टन CO2 उत्सर्जन कम होने की उम्मीद है।

कंपनी की स्ट्रेटेजी में नया मोड़

यह पार्टनरशिप Ravindra Energy के लिए रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स से आगे बढ़कर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सेक्टर में कदम रखने की स्ट्रेटेजी का एक अहम हिस्सा है। EIM, जिसने 1 अगस्त, 2025 को अपना कमर्शियल ऑपरेशंस शुरू किया है, इस डील को अपने शुरुआती दौर की एक बड़ी कामयाबी मान रही है। यह तैनाती भारत के ट्रांसपोर्ट सेक्टर को डीकार्बोनाइज करने और महत्वपूर्ण पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के एनवायरनमेंटल फुटप्रिंट को कम करने के व्यापक लक्ष्यों के अनुरूप है।

पर्यावरण को लेकर बड़े लक्ष्य

इन 66 जीरो-एमिशन ई-ट्रैक्टरों को पेश करने के साथ, इस प्रोजेक्ट का लक्ष्य पोर्ट टर्मिनलों के भीतर 100% एमिशन-फ्री ट्रांसपोर्टेशन सुनिश्चित करना है। यह कदम भारत भर में सस्टेनेबल लॉजिस्टिक्स सॉल्यूशंस की बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद करेगा। साथ ही, यह हैवी-ड्यूटी कमर्शियल ट्रांसपोर्ट के इलेक्ट्रिफिकेशन की ओर बढ़ते चलन को भी दर्शाता है, खासकर प्रमुख लॉजिस्टिक्स हब में।

इंडस्ट्री में बढ़ती प्रतिस्पर्धा

यह डील Transvolt Mobility को पोर्ट ऑपरेशंस के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण प्लेयर के रूप में स्थापित करती है, जो EIM की इलेक्ट्रिक व्हीकल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करेगा। भारतीय EV मार्केट में Tata Motors और Ashok Leyland जैसे निर्माता इलेक्ट्रिक ट्रकों और बसों के प्रमुख सप्लायर हैं। EIM, Sun Mobility जैसी कंपनियों के साथ एक प्रतिस्पर्धी स्पेस में काम कर रही है, जो बैटरी स्वैपिंग और EV इंफ्रास्ट्रक्चर में सक्रिय हैं। Adani Ports जैसे बड़े पोर्ट ऑपरेटर्स भी सस्टेनेबिलिटी इनिशिएटिव्स पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जो पोर्ट के माहौल में एमिशन रिडक्शन के लिए मिसाल कायम कर रहे हैं।

भविष्य की राह

यह एग्रीमेंट EIM के लिए पोर्ट लॉजिस्टिक्स सेक्टर में एक बड़ी छलांग है। अप्रैल 2026 तक 66 वाहनों की समय पर डिलीवरी और डिमांडिंग पोर्ट ऑपरेशंस में 'Ashwa' ई-ट्रैक्टरों का प्रदर्शन महत्वपूर्ण होगा। इस प्रोजेक्ट में भारतीय पोर्ट्स में इलेक्ट्रिक हैवी व्हीकल्स को व्यापक रूप से अपनाने और लॉजिस्टिक्स इंडस्ट्री में डीकार्बोनाइजेशन प्रयासों में योगदान करने की क्षमता है।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.