कंपनी ने अपने पोस्टल बैलेट नोटिस में स्पष्ट किया है कि वह 45,00,000 इक्विटी शेयर ₹15.18 प्रति शेयर के दर पर जारी करेगी। इस इश्यू से कुल ₹6.83 करोड़ जुटाए जाएंगे, जिनका उपयोग प्रमोटर मिस्टर सुनील कुमार जैन के असुरक्षित (unsecured) लोन का निपटारा करने के लिए किया जाएगा।
जारी किए गए इन शेयरों का फेस वैल्यू ₹10 है, जबकि ₹5.18 का प्रीमियम (premium) शामिल है। इस कदम से NECC पर कर्ज का बोझ कम होगा और कंपनी की बैलेंस शीट (balance sheet) की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी।
मौजूदा शेयरधारकों के लिए, नए शेयर जारी होने से उनके स्वामित्व प्रतिशत (ownership percentage) में संभावित कमी आ सकती है। हालांकि, यह कंपनी के लिए बिना किसी तत्काल नकदी की आवश्यकता के ऋण से मुक्त होने का एक प्रभावी तरीका है।
कंपनियों के लिए, विशेष रूप से पूंजी-गहन (capital-intensive) क्षेत्रों में, प्रमोटर फंडिंग (promoter funding) एक महत्वपूर्ण स्रोत होता है। इस तरह के लोन को इक्विटी में बदलना कंपनी के वित्तीय स्वास्थ्य को सुधारने और प्रमोटरों के हितों को संरेखित करने की एक आम रणनीति है।
शेयरधारकों को इस शेयर इश्यू के लिए पोस्टल बैलेट के माध्यम से मतदान करना होगा। इस मंजूरी के बाद, मिस्टर सुनील कुमार जैन का असुरक्षित ऋण समाप्त हो जाएगा और कंपनी की कुल इक्विटी नए शेयरों के जारी होने से बढ़ जाएगी।
लॉजिस्टिक्स क्षेत्र की अन्य कंपनियाँ जैसे VRL Logistics और Gati अपने पूंजी ढांचे को प्रबंधित करने के लिए विभिन्न तरीकों का इस्तेमाल करती हैं। NECC का यह इक्विटी-आधारित ऋण समाधान (debt solution) अपनी वित्तीय रणनीति का एक हिस्सा है।
