शेयरधारकों ने दी वित्तीय विस्तार को हरी झंडी
North Eastern Carrying Corporation Ltd (NECC) के शेयरधारकों ने कंपनी की वित्तीय और ऑपरेशनल क्षमता को बढ़ाने के लिए कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगा दी है। 16 मई, 2026 को समाप्त हुई रिमोट ई-वोटिंग और पोस्टल बैलट के नतीजों की घोषणा 19 मई, 2026 को की गई, जिसमें सभी सात प्रस्तावित प्रस्तावों को शेयरधारकों की भारी सहमति मिली।
पूंजी में ₹10 करोड़ का इजाफा
इन मंजूरियों में सबसे खास है कंपनी की अधिकृत शेयर पूंजी में ₹10 करोड़ का इजाफा, जिससे यह कुल ₹110 करोड़ हो गई है। पहले यह सीमा ₹100 करोड़ थी।
फंड जुटाने की नई शक्तियां
पूंजी बढ़ाने के अलावा, NECC को फंड जुटाने की नई और व्यापक शक्तियां भी मिली हैं। अब कंपनी ₹50 करोड़ तक के लोन ले सकती है। वहीं, अपनी सहायक कंपनियों (subsidiaries) के लिए ₹100 करोड़ तक की उधारी की अनुमति भी दी गई है। इसके साथ ही, कंपनी एक्ट के सेक्शन 186 के तहत ₹100 करोड़ तक के निवेश को भी मंजूरी मिली है। शेयरधारकों ने ₹6.83 करोड़ तक के असुरक्षित लोन (unsecured loans) को इक्विटी में बदलने और रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन (related party transactions) के लिए ₹50 करोड़ की सीमा को भी हरी झंडी दी है।
व्यापारिक उद्देश्यों का विस्तार
कंपनी के मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन (MoA) में भी बदलाव किया जाएगा, ताकि इसके व्यापारिक उद्देश्यों का दायरा बढ़ाया जा सके। इसमें वेयरहाउसिंग (warehousing) जैसी नई सेवाओं को शामिल करने की योजना है, जिससे कंपनी अपनी पेशकशों को और बेहतर बना सके।
भविष्य की रणनीतिक चाल
यह कदम NECC की भविष्य की विस्तार योजनाओं और वित्तीय मजबूती की ओर इशारा करता है। बढ़ी हुई पूंजी और उधारी की सीमा कंपनी को महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स, अधिग्रहणों या अन्य विकास पहलों के लिए आवश्यक वित्तीय लचीलापन प्रदान करेगी। इस तरह की रणनीतिक पूंजी आवंटन लॉजिस्टिक्स सेक्टर की बड़ी कंपनियों जैसे TCI Express, Mahindra Logistics, और VRL Logistics की विकास रणनीतियों के समान है। अब निवेशकों की निगाहें इस बात पर टिकी रहेंगी कि NECC इन नई शक्तियों का उपयोग कैसे करती है।