तिमाही नतीजों पर एक नजर
कंपनी के नतीजे बताते हैं कि चौथी तिमाही (Q4) में भी प्रदर्शन उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। इस तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 31.4% घटकर ₹5.23 करोड़ रह गया, जबकि कुल आय 7.17% गिरकर ₹58.36 करोड़ दर्ज हुई।
पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) की बात करें तो कंपनी की कुल आय में 1.91% की मामूली गिरावट आई और यह ₹237.64 करोड़ पर पहुंच गई। इसी के साथ, प्रति शेयर आय (EPS) भी ₹33.96 से गिरकर ₹23.12 पर आ गई।
मुनाफे में गिरावट की मुख्य वजहें
इस भारी गिरावट की एक बड़ी वजह कंपनी पर आया ₹5.89 करोड़ का एकमुश्त (one-time) खर्च है। यह खर्च नई लेबर कोड (New Labour Codes) के तहत ग्रेच्युटी और लीव वेजेस के लिए प्रोविजन के तौर पर किया गया है। कुल मिलाकर, कंपनी का सालाना खर्च थोड़ा बढ़कर ₹206.63 करोड़ हो गया, जिसने आय में आई कमी को और बढ़ा दिया।
अच्छी बात यह है कि कंपनी के वैधानिक ऑडिटर (statutory auditors) ने वित्तीय नतीजों पर अनमोडिफाइड ओपिनियन (unmodified opinion) दिया है।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
नतीजों के बीच, बोर्ड ने शेयरधारकों को राहत देते हुए ₹5.50 प्रति शेयर के अंतिम डिविडेंड (final dividend) की सिफारिश की है। कंपनी का इक्विटी बेस पिछले साल के ₹165.37 करोड़ से बढ़कर ₹179.32 करोड़ हो गया है, जो कंपनी की मजबूत वित्तीय नींव को दर्शाता है।
International Travel House (ITH) असल में ITC Limited की सहायक कंपनी है और ट्रैवल व टूरिज्म सेक्टर में काम करती है। यह कॉम्पिटिटिव ट्रैवल मार्केट में Thomas Cook India Ltd, MakeMyTrip Ltd और EaseMyTrip जैसी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है।
अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि कंपनी मार्जिन दबाव को कैसे संभालती है और एकमुश्त खर्चों का भविष्य के प्रदर्शन पर क्या असर पड़ता है। मुनाफे में आई यह बड़ी कमी शेयर में गिरावट ला सकती है।
