ईएसजी (Environmental, Social, and Governance) रेटिंग किसी कंपनी के स्थिरता प्रदर्शन का महत्वपूर्ण पैमाना है, जिस पर निवेशक तेजी से ध्यान दे रहे हैं। हाल ही में, IRCTC को ESG Risk Assessments & Insights Limited, जो SEBI-पंजीकृत ईएसजी रेटिंग प्रदाता है, द्वारा 52 का स्कोर दिया गया है, जो 'एडिक्वेट' (Adequate) श्रेणी में आता है।
यह स्कोर पूरी तरह से सार्वजनिक जानकारी का उपयोग करके, IRCTC के साथ किसी भी प्रत्यक्ष परामर्श के बिना तैयार किया गया था। यह हाल ही में 19 फरवरी, 2026 को NSE Sustainability Ratings & Analytics Limited द्वारा दिए गए 64 के 'एडिक्वेट' स्कोर से कम है।
यह रेटिंग क्यों मायने रखती है?
ईएसजी रेटिंग्स संस्थागत निवेशकों के लिए कंपनी के जोखिम प्रबंधन, लचीलेपन और टिकाऊ प्रथाओं के साथ संरेखण का आकलन करने का एक प्रमुख जरिया हैं। 'एडिक्वेट' रेटिंग का मतलब है कि कंपनी का प्रदर्शन एक बुनियादी स्तर पर है। हालांकि, स्वतंत्र रेटिंग प्रक्रिया बताती है कि सार्वजनिक धारणा या उपलब्ध डेटा के आधार पर प्रदर्शन में सुधार की गुंजाइश हो सकती है।
चिंता के मुख्य कारण:
- स्वतंत्र मूल्यांकन: रेटिंग केवल सार्वजनिक डेटा पर आधारित है, जिसका अर्थ है कि कंपनी का रेटिंग पर सीधा नियंत्रण सीमित है।
- स्कोर में भिन्नता: विभिन्न एजेंसियों द्वारा दिए गए स्कोर में यह अंतर ( 64 से 52 तक) मूल्यांकन के तरीकों में भिन्नता या गवर्नेंस व परिचालन मानकों से संबंधित विशिष्ट चिंताओं का संकेत दे सकता है।
- गवर्नेंस संबंधी मुद्दे: IRCTC, अपने साथियों जैसे Rail Vikas Nigam Limited (RVNL) और IRCON International के साथ, पहले भी SEBI के बोर्ड कंपोजिशन नॉर्म्स के गैर-अनुपालन के लिए जुर्माने का सामना कर चुकी है, जो रेलवे PSU क्षेत्र में गवर्नेंस की लगातार चुनौतियों को दर्शाता है।
- ऑपरेशनल लैप्स: हाल ही में वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेनों में खराब भोजन की गुणवत्ता के लिए लगे जुर्माने, सेवा निरीक्षण और ऑपरेशनल मानकों में संभावित कमियों को उजागर करते हैं।
IRCTC, जो भारतीय रेलवे की एक सहायक कंपनी है, ऑनलाइन रेलवे टिकटिंग, खानपान और पर्यटन सेवाओं में अपनी एकाधिकार स्थिति के लिए जानी जाती है। कंपनी सीएसआर (CSR) पहलों में सक्रिय रूप से शामिल है और अपनी ईएसजी प्रथाओं का विवरण देने वाली बिजनेस रिस्पॉन्सिबिलिटी एंड सस्टेनेबिलिटी रिपोर्ट (BRSR) भी प्रकाशित करती है।
निवेशकों को अब IRCTC की प्रतिक्रिया, स्कोर को बेहतर बनाने के लिए कंपनी द्वारा उठाए जाने वाले कदमों और भविष्य की रेटिंग्स पर नजर रखनी होगी।
