GE Shipping अपने बेड़े की क्षमता को बढ़ाने के लिए एक रणनीतिक कदम उठा रही है। कंपनी दो सेकंड-हैंड जहाजों का अधिग्रहण कर रही है, जिससे उसके बेड़े में लगभग 130,000 DWT की वृद्धि होगी।
पहले जहाज के रूप में, एक मीडियम रेंज (MR) टैंकर, जिसे 1 अप्रैल, 2026 को अनुबंधित किया गया है, उसका डेडवेट टनेज (dwt) लगभग 49,420 है। दूसरा जहाज एक कामसारमैक्स ड्राई बल्क कैरियर है, जिसके वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) तक बेड़े में शामिल होने की उम्मीद है।
कंपनी ने बताया है कि ये दोनों अधिग्रहण पूरी तरह से आंतरिक संसाधनों (internal resources) से किए जाएंगे, जो कंपनी के मजबूत वित्तीय स्वास्थ्य को दर्शाता है।
यह विस्तार ऐसे समय में हो रहा है जब GE Shipping का मौजूदा बेड़ा लगभग 100% क्षमता (utilization) पर काम कर रहा है, जो सेवाओं की मजबूत मांग का संकेत देता है। इन नए जहाजों से कंपनी की परिचालन क्षमता और बढ़ जाएगी, जिससे वह अनुकूल बाजार स्थितियों का और बेहतर फायदा उठा सकेगी।
GE Shipping, जो भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट सेक्टर शिपिंग कंपनी है, का मौजूदा बेड़ा 1 अप्रैल, 2026 तक 40 जहाजों और 3.20 मिलियन DWT कुल टनेज का है। इन नए अधिग्रहणों के बाद, Q1 FY27 तक यह आंकड़ा 3.33 मिलियन DWT से अधिक हो जाएगा।
इस कदम से GE Shipping की टैंकर और ड्राई बल्क दोनों सेक्टर्स में मौजूदगी मजबूत होगी। जहाँ Varun Shipping मुख्य रूप से गैस कैरियर्स पर ध्यान केंद्रित करती है, वहीं Mercator Lines ऐतिहासिक रूप से बल्क कैरियर्स से जुड़ी रही है। GE Shipping का यह विविधीकृत दृष्टिकोण उसे बाजार में एक मजबूत स्थिति प्रदान करता है।
