Delhivery Limited के शेयरधारकों ने कंपनी के बोर्ड में अहम नियुक्तियों और डायरेक्टर्स के रेमुनरेशन (Remuneration) पैकेज को ज़बरदस्त समर्थन दिया है। अधिकांश प्रस्तावों को 94.28% तक वोट मिले, जो शेयरधारकों के मजबूत विश्वास का संकेत है।
यह फैसला पोस्टल बैलेट (Postal Ballot) प्रक्रिया के ज़रिए लिया गया, जिसमें मिस नीलम धवन की नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर नियुक्ति और छह डायरेक्टर्स के रेमुनरेशन (Remuneration) पर वोटिंग शामिल थी। मिस नीलम धवन की नियुक्ति के प्रस्ताव को 89.29% वोट मिले, जबकि छह डायरेक्टर्स के रेमुनरेशन को 94.25% से 94.28% के बीच भारी समर्थन हासिल हुआ। यह वोटिंग 8 अप्रैल 2026 से 7 मई 2026 तक चली, जिसमें करीब 881 से 888 सदस्यों ने भाग लिया।
शेयरधारकों का यह भारी समर्थन कंपनी के बोर्ड की संरचना और नेतृत्व के फैसलों में विश्वास को और मज़बूत करता है। मिस नीलम धवन जैसी अनुभवी इंडिपेंडेंट डायरेक्टर की नियुक्ति कॉरपोरेट गवर्नेंस (Corporate Governance) को बेहतर बनाने, निष्पक्ष निरीक्षण प्रदान करने और बोर्ड में विभिन्न रणनीतिक दृष्टिकोण लाने के लिए महत्वपूर्ण है। साथ ही, डायरेक्टरों के रेमुनरेशन को मंज़ूरी मिलने से कंपनी शीर्ष प्रतिभाओं को आकर्षित करने और बनाए रखने में सक्षम होगी, वहीं पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहेगी।
मिस नीलम धवन अपने साथ माइक्रोसॉफ्ट इंडिया की मैनेजिंग डायरेक्टर और इंटेल में साउथ एशिया के कंट्री मैनेजर जैसे पदों का गहरा अनुभव लेकर आई हैं। फिलहाल, वह मैक्स हेल्थकेयर और टाटा कम्युनिकेशंस जैसी कंपनियों में भी बोर्ड की सदस्य हैं, जो कॉरपोरेट गवर्नेंस और रणनीतिक नेतृत्व की उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
इस नियुक्ति से दिल्लीवेरी के बोर्ड में एक और अनुभवी चेहरा शामिल हुआ है, जिससे बोर्ड की स्वतंत्रता और विशेषज्ञता बढ़ेगी। प्रमुख डायरेक्टर्स के लिए रेमुनरेशन ढांचे को औपचारिक रूप से मंजूरी मिली है, जिससे स्पष्टता और स्थिरता आएगी। शेयरधारकों के मजबूत वोटिंग नतीजों से कंपनी के गवर्नेंस प्रथाओं में उनका विश्वास साफ दिख रहा है।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि मिस नीलम धवन बोर्ड की चर्चाओं और रणनीतिक फैसलों में कैसे योगदान देती हैं। साथ ही, कंपनी की भविष्य की बोर्ड मीटिंग्स और नई मज़बूत बोर्ड के ज़रिए घोषित की जाने वाली किसी भी रणनीतिक पहल पर नज़र रखी जाएगी।
