कर्मचारियों को क्यों मिल रहे हैं ये फायदे?
कंपनी का मुख्य मकसद अपने टैलेंट को रोके रखना है। इन स्टॉक ऑप्शन्स (ESOPs) के जरिए कर्मचारियों को कंपनी के भविष्य में हिस्सेदारी का मौका मिलता है, जिससे वे कंपनी के साथ लंबे समय तक जुड़े रहने के लिए प्रेरित होते हैं। यह कदम कर्मचारियों के हितों को कंपनी की ग्रोथ से जोड़ने का एक तरीका है।
क्या हैं खास बातें?
Delhivery की Nomination and Remuneration Committee ने 1,00,360 स्टॉक ऑप्शन्स की इस ग्रांट को फाइनल किया है। इन ऑप्शन्स को एक्सरसाइज करने की कीमत नाममात्र Re. 1 प्रति ऑप्शन रखी गई है। यह ग्रांट 1 मई, 2026 से प्रभावी होगी और 1,00,360 इक्विटी शेयर्स के लिए है।
शेयरधारकों के लिए चिंता का सबब
भले ही ये फैसले कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने के लिए हैं, लेकिन जब कर्मचारी इन ऑप्शन्स को एक्सरसाइज करेंगे, तो कंपनी के कुल बकाया शेयर्स की संख्या बढ़ जाएगी। इससे मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी (ownership stake) का प्रतिशत कम हो सकता है।
पुरानी ग्रांट्स का इतिहास
Integrated logistics और supply chain कंपनी Delhivery, जो Gurugram में स्थित है, अपने ESOP 2012 प्लान का इस्तेमाल कर्मचारियों को रिवॉर्ड देने के लिए करती रही है। कंपनी ने पहले भी ऐसे कदम उठाए हैं, जैसे अप्रैल 2026 में 58,250 ऑप्शन्स, नवंबर 2024 में 73,300 ऑप्शन्स और अगस्त 2022 में 12,36,893 ऑप्शन्स ग्रांट किए थे, जिनकी एक्सरसाइज प्राइस आमतौर पर Re. 1 ही रही है।
अन्य कंपनियों से तुलना
Delhivery का मुकाबला Blue Dart Express और Mahindra Logistics जैसी कंपनियों से है। Mahindra Logistics भी कर्मचारियों को रिवॉर्ड देने के लिए ESOP स्कीम्स का इस्तेमाल करती है, जिसमें MLL Key Executive Stock Option Scheme 2012 और Restricted Stock Unit Plan 2018 शामिल हैं।
निवेशकों को क्या देखना चाहिए?
निवेशकों के लिए यह ज़रूरी है कि वे आने वाले 1-4 सालों में इन 1,00,360 स्टॉक ऑप्शन्स की Vesting Schedules पर नज़र रखें। साथ ही, Vesting के बाद कर्मचारियों द्वारा इन ऑप्शन्स को एक्सरसाइज करने के पैटर्न को भी देखना अहम होगा। कंपनी की कैपिटल स्ट्रक्चर पर इसके प्रभाव को लेकर भविष्य में आने वाले स्टेटमेंट्स पर भी ध्यान दें।
