Delhivery की ट्रेडिंग विंडो बंद: ₹2,378 करोड़ रेवेन्यू वाली कंपनी ने निवेशकों को दी अहम सूचना

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Delhivery की ट्रेडिंग विंडो बंद: ₹2,378 करोड़ रेवेन्यू वाली कंपनी ने निवेशकों को दी अहम सूचना
Overview

लॉजिस्टिक्स कंपनी Delhivery Limited ने अपने निवेशकों को एक महत्वपूर्ण जानकारी दी है। कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2026 (FY26) के नतीजे जारी होने से पहले **1 अप्रैल 2026** से अपनी ट्रेडिंग विंडो बंद करने का ऐलान किया है। यह कदम इनसाइडर ट्रेडिंग को रोकने के लिए उठाया गया है।

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क्यों बंद हो रही है ट्रेडिंग विंडो?

Delhivery Limited ने अपने शेयरधारकों और संबंधित व्यक्तियों के लिए कंपनी की सिक्योरिटीज (securities) में किसी भी तरह के लेन-देन पर रोक लगा दी है। यह ट्रेडिंग विंडो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगी और कंपनी के वित्तीय वर्ष 2026 (जो 31 मार्च 2026 को समाप्त होगा) के ऑडिटेड वित्तीय नतीजों की घोषणा के 48 घंटे बाद तक जारी रहेगी।

इस कदम का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नतीजों की घोषणा से पहले कोई भी व्यक्ति कंपनी की अंदरूनी या गैर-सार्वजनिक जानकारी का लाभ न उठा सके। यह 'इनसाइडर ट्रेडिंग' (insider trading) को रोकने और शेयर बाजार में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एक मानक प्रक्रिया है।

कंपनी का वित्तीय सफर और हालिया प्रदर्शन

हाल के दिनों में Delhivery ने अपने वित्तीय प्रदर्शन में सुधार दिखाया है। कंपनी वित्तीय वर्ष 2025 में मुनाफे (profitable) में आई है, जो कई वर्षों के घाटे के बाद एक बड़ा बदलाव है। तीसरी तिमाही FY25 में, Delhivery ने ₹2,378 करोड़ का रेवेन्यू (revenue) और ₹25 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट (net profit) दर्ज किया था। इससे पहले, कंपनी ने अपने प्रतिद्वंद्वी Ecom Express को ₹1407 करोड़ में खरीदा भी था।

पिछली चुनौतियाँ और इंडस्ट्री का परिदृश्य

हालांकि, कंपनी को अतीत में कुछ नियामक (regulatory) चुनौतियों का सामना भी करना पड़ा है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (Income Tax department) ने वित्तीय वर्ष 16 के खर्चों से संबंधित ₹1.36 करोड़ के जुर्माने का आदेश दिया था, जिसे Delhivery चुनौती देने की बात कह चुकी है। इसके अलावा, ₹49.19 करोड़ के GST शो-कॉज नोटिस (GST show-cause notice) ने पिछले कर-संबंधित मामलों पर भी प्रकाश डाला था।

Delhivery लॉजिस्टिक्स सेक्टर में एक कड़े मुकाबले वाले माहौल में काम करती है, जहाँ इसके प्रतिद्वंद्वियों में Shadowfax, LoadShare Networks और LetsTransport जैसी कंपनियां शामिल हैं। SEBI नियमों (SEBI regulations) के अनुसार, Delhivery के समान, ZF Commercial Vehicle Control Systems India Ltd जैसी अन्य लिस्टेड कंपनियों ने भी वित्तीय नतीजों की घोषणा से पहले अपनी ट्रेडिंग विंडो बंद करने की घोषणा की है।

आगे क्या?

अब निवेशक बोर्ड मीटिंग की तारीख का इंतजार कर रहे हैं, जिसमें ऑडिटेड FY26 वित्तीय नतीजों को मंजूरी दी जाएगी। इस आधिकारिक घोषणा के बाद ही ट्रेडिंग विंडो फिर से खुलेगी। बाजार Delhivery के FY26 के वित्तीय प्रदर्शन पर बारीकी से नजर रखेगा, ताकि कंपनी की निरंतर लाभप्रदता (profitability) और विकास की संभावनाओं का अंदाजा लगाया जा सके।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.