Adani Ports Share Price: भारत को मिला 'सुरक्षा कवच'! Adani Ports ने खोला पहला 'Port of Refuge'

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Adani Ports Share Price: भारत को मिला 'सुरक्षा कवच'! Adani Ports ने खोला पहला 'Port of Refuge'
Overview

Adani Ports and Special Economic Zone Ltd (APSEZ) ने समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए भारत का पहला औपचारिक 'Port of Refuge' (PoR) फ्रेमवर्क लॉन्च किया है। यह नई व्यवस्था संकट में फंसे जहाजों को विशेष सहायता और सुरक्षित आश्रय प्रदान करेगी।

भारत के विशाल समुद्री तट को देखते हुए, जहाजों के संकट में फंसे होने पर उन्हें तत्काल मदद मुहैया कराने के लिए एक संरचित (structured) ढांचे की कमी लंबे समय से महसूस की जा रही थी। Adani Ports and Special Economic Zone Ltd (APSEZ) ने इस कमी को पूरा करने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है।

APSEZ ने SMIT Salvage (जो Royal Boskalis Westminster N.V. की साल्वेज और इमरजेंसी रिस्पांस इकाई है) और Maritime Emergency Response Centre (MERC) के साथ एक त्रिपक्षीय एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत, पश्चिमी तट पर स्थित Dighi Port और पूर्वी तट पर स्थित Gopalpur Port को 'Port of Refuge' के तौर पर नामित किया गया है।

ये नामित पोर्ट्स संकटग्रस्त जहाजों को साल्वेज (salvage) और व्रेक रिमूवल (wreck removal), फायर फाइटिंग (firefighting), पॉल्यूशन कन्टेनमेंट (pollution containment) और इमरजेंसी कोऑर्डिनेशन (emergency coordination) जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान करेंगे। इस पहल से भारत की समुद्री आपातकालीन तैयारी (maritime emergency preparedness) काफी मजबूत होगी और वैश्विक शिपिंग कॉरिडोर्स में देश की स्थिति और बेहतर होगी। यह नई व्यवस्था अंतरराष्ट्रीय समुद्री सम्मेलनों (international maritime conventions) के अनुरूप है और उन जहाजों के लिए सहायक होगी जो International Group of P&I Clubs के तहत बीमित हैं।

Adani Ports भारत का सबसे बड़ा प्राइवेट पोर्ट ऑपरेटर है, जो देश भर में 15 पोर्ट्स और टर्मिनल्स का संचालन करता है। कंपनी की मौजूदा कार्गो हैंडलिंग कैपेसिटी 633 मिलियन टन प्रति वर्ष है, और इसका लक्ष्य 2030 तक इसे 1 बिलियन टन तक पहुंचाना है।

हालांकि, यह सुरक्षा पहल स्वागत योग्य है, Adani Group को अभी भी SEBI द्वारा दर्जन भर से अधिक आरोपों की जांच का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा, APSEZ ने हाल ही में अमेरिका, यूके और यूरोपीय संघ द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों का सामना कर रहे जहाजों को प्रवेश देने से मना करने की नीति भी लागू की है।

भारत के पोर्ट सेक्टर में यह एक अग्रणी (pioneering) कदम माना जा रहा है। जबकि अन्य बड़े पोर्ट्स अपनी क्षमता और इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार कर रहे हैं, Adani Ports द्वारा इस तरह का औपचारिक 'Port of Refuge' डेजिग्नेशन एक अनूठी पहल है, जो व्यापक समुद्री खोज और बचाव (search and rescue) कार्यों के बीच एक विशिष्ट परिचालन सुधार (operational enhancement) प्रदान करती है।

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