इस शानदार प्रदर्शन के पीछे कंटेनर और ड्राई कार्गो सेगमेंट का बड़ा योगदान रहा, जहां वॉल्यूम में 17% की जोरदार तेजी देखी गई। ये सेगमेंट्स APSEZ के ऑपरेशंस और रेवेन्यू के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं, जो इसके पोर्ट सर्विसेज की लगातार बढ़ती मांग को दर्शाते हैं।
हालांकि, कंपनी के लॉजिस्टिक्स रेल सेगमेंट में कुछ नरमी देखी गई। अप्रैल 2026 में इस सेगमेंट के वॉल्यूम में 16% की गिरावट आई और यह 48,490 TEUs पर आ गया। यह कंपनी के इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स ऑफरिंग के लिए चिंता का विषय हो सकता है। रेल सेगमेंट ने फरवरी 2025 में भी 6% की गिरावट दर्ज की थी, जो 18 महीनों में पहली मासिक गिरावट थी।
भारत के सबसे बड़े प्राइवेट पोर्ट ऑपरेटर के तौर पर, APSEZ देश भर में 15 पोर्ट्स का संचालन करती है। कंपनी पोर्ट्स, लॉजिस्टिक्स और स्पेशल इकोनॉमिक जोन में अपना दबदबा रखती है। पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के दौरान, APSEZ ने रिकॉर्ड 500.8 MMT कार्गो का प्रबंधन किया, जो पिछले साल के मुकाबले 11% ज्यादा था। कंपनी के पास भारत के कंटेनराइज्ड सी-बोर्न कार्गो मार्केट का लगभग 44% शेयर है।
APSEZ को JSW Infrastructure जैसे घरेलू खिलाड़ियों और DP World, PSA International, और APM Terminals जैसे ग्लोबल प्लेयर्स से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है, खासकर कंटेनर हैंडलिंग में। रेल लॉजिस्टिक्स स्पेस में Container Corporation of India (Concor) भी एक प्रमुख नाम है।
