आयकर विभाग ने Juniper Hotels Ltd को असेसमेंट ईयर 2023-24 के लिए ₹25.83 करोड़ का टैक्स डिमांड नोटिस जारी किया है। विभाग का आरोप है कि कंपनी ने आय की रिपोर्टिंग में गड़बड़ी की है।
कंपनी के अनुसार, कुल ₹25,82,92,808 की यह मांग आयकर विभाग द्वारा आय की कथित गलत रिपोर्टिंग के आधार पर की गई है। Juniper Hotels फिलहाल इस नोटिस का गहनता से मूल्यांकन कर रही है और विभाग द्वारा लगाए गए आरोपों पर अपनी प्रतिक्रिया तैयार कर रही है। कंपनी ने आगे कहा है कि वे इस मामले में उचित कानूनी कदम उठाने की दिशा में आगे बढ़ेंगे, लेकिन वर्तमान में उन्हें इस डिमांड से अपने वित्तीय स्वास्थ्य या दैनिक कामकाज पर कोई खास असर पड़ने की उम्मीद नहीं है।
Juniper Hotels, जो कि Saraf Hotels और Hyatt Hotels Corporation के सहयोग से संचालित एक लग्जरी होटल डेवलपर और ओनर है, के लिए यह एक महत्वपूर्ण मामला है। यह कंपनी पूरे भारत में Hyatt-ब्रांडेड सात होटल चलाती है, जिनमें लगभग 1,900 कमरे हैं और इसका मुख्य फोकस लग्जरी सेगमेंट पर है। कंपनी ने इसी साल फरवरी 2024 में अपना IPO लॉन्च किया था, जिसके जरिए ₹1,800 करोड़ जुटाए गए थे। हालांकि, IPO के समय कंपनी लाभ में नहीं थी, फिर भी रेवेन्यू में वृद्धि देखी गई थी। यह पहला मौका नहीं है जब कंपनी को किसी रेगुलेटरी इश्यू का सामना करना पड़ रहा हो; इससे पहले NSE और BSE ने बोर्ड कंपोजिशन नियमों के उल्लंघन पर कुल ₹9.2 लाख का जुर्माना लगाया था। नवंबर 2025 में, कंपनी ने Gstaad Hotels Private Limited की इंसॉल्वेंसी प्रक्रिया में शामिल होने की भी मंजूरी दी थी। इसके अलावा, Juniper Hotels का पहले भी इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल में विवादित खरीद और टैक्स विदहोल्डिंग को लेकर टैक्स विवादों का इतिहास रहा है।
अगर यह टैक्स डिमांड कानूनी प्रक्रिया के बाद भी कायम रहती है, तो यह Juniper Hotels के लाभ और नकदी भंडार पर एक बड़ा बोझ डाल सकती है। ऐसी कर विवादों वाली कंपनियों को अक्सर कानूनी खर्चों का भी सामना करना पड़ता है। निवेशक यह बारीकी से देखेंगे कि Juniper Hotels इस कानूनी चुनौती का सामना कैसे करती है और क्या यह मांग अंततः कम होती है या खारिज हो जाती है।
हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में Juniper Hotels का मुकाबला Indian Hotels Company Ltd (IHCL), ITC Hotels, EIH Limited (Oberoi Group), और Lemon Tree Hotels जैसी प्रमुख कंपनियों से है। इन प्रतिस्पर्धियों के लिए भी रेगुलेटरी मामले आम हैं, लेकिन Juniper Hotels के सामने यह विशेष टैक्स डिमांड एक अलग चुनौती पेश करती है।
