FY26 में IHCL का प्रदर्शन: नंबर्स क्या कहते हैं?
Indian Hotels Company Ltd (IHCL) ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने ₹2,247.25 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट कमाया है, जबकि कुल कंसोलिडेटेड इनकम ₹9,971.43 करोड़ रही। पिछले फाइनेंशियल ईयर से तुलना करें तो कंसोलिडेटेड टोटल इनकम में 16.42% का इजाफा हुआ है, जो ₹8,565 करोड़ से बढ़कर ₹9,971.43 करोड़ हो गई। वहीं, नेट कंसोलिडेटेड प्रॉफिट में 10.26% की ग्रोथ दर्ज की गई।
डिविडेंड और कर्ज में भारी कमी
शेयरधारकों को खुश करते हुए, IHCL ने डिविडेंड (Dividend) को ₹2.25 प्रति शेयर से बढ़ाकर ₹3.25 प्रति शेयर कर दिया है। कंपनी ने अपने कर्ज को कम करने में भी बड़ी सफलता हासिल की है। कंसोलिडेटेड नॉन-करंट बोरिंग्स (गैर-चालू उधारी) में भारी कटौती की गई है, जो पिछले साल के ₹203.15 करोड़ से घटकर मात्र ₹46.60 करोड़ रह गई हैं।
ग्रोथ की कहानी: स्ट्रैटेजिक एक्विजिशन
इस बेहतरीन फाइनेंशियल परफॉरमेंस का श्रेय कंपनी के स्ट्रैटेजिक एक्विजिशन (रणनीतिक अधिग्रहण) को भी जाता है। IHCL ने ANK Hotels, Pride Hospitality, और Sparsh Infratech जैसी कंपनियों में मेजॉरिटी स्टेक (बहुमत हिस्सेदारी) हासिल की, जिससे उसके पोर्टफोलियो को और मजबूती मिली।
कुछ बातों का असर
हालांकि, नए लेबर कोड्स के कारण कंपनी पर ₹50.17 करोड़ का एक एक्सेप्शनल चार्ज (असाधारण प्रभार) लगा। साथ ही, कंपनी ने TajGVK जॉइंट वेंचर में अपनी पूरी इक्विटी स्टेक बेच दी। इन सब के बावजूद, शेयरधारकों को बढ़ा हुआ डिविडेंड मिला है और कंपनी का बैलेंस शीट कर्ज में बड़ी कमी के कारण काफी मजबूत हुआ है।
आगे क्या देखना होगा?
IHCL, जो टाटा ग्रुप का हिस्सा है, अपने ट्रांसफॉर्मेशन स्ट्रैटेजी पर काम कर रही है। निवेशक अब कंपनी की भविष्य की अधिग्रहण योजनाओं, नए एक्वायर किए गए होटलों के इंटीग्रेशन, और कर्ज में कमी के फायदों पर नजर रखेंगे। इसके अलावा, नए लेबर कोड्स का परिचालन लागत पर प्रभाव और विभिन्न ब्रांड पोर्टफोलियो में रेवेन्यू पर उपलब्ध रूम (RevPAR) की ग्रोथ पर भी ध्यान दिया जाएगा।
