डी-मर्जर के बाद पहली बड़ी कामयाबी
ITC Hotels के लिए यह फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) एक बड़ा माइलस्टोन साबित हुआ है। कंपनी 1 जनवरी, 2025 को ITC Limited से डी-मर्ज होकर एक स्वतंत्र इकाई बनी थी। इसके बाद पेश किए गए नतीजे इस बात का सबूत हैं कि कंपनी सही दिशा में आगे बढ़ रही है।
अगर नतीजों पर गौर करें तो, मार्च 2026 को खत्म हुई चौथी तिमाही (Q4) में कंपनी का कॉन्सोलिडेटेड रेवेन्यू 18.9% की बढ़त के साथ ₹1,306.45 करोड़ पर पहुंच गया। पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए, कॉन्सोलिडेटेड रेवेन्यू 19.45% की जोरदार उछाल के साथ ₹4,331.34 करोड़ दर्ज किया गया। कंपनी की स्टैंडअलोन प्रॉफिट (Standalone Profit) चौथी तिमाही में ₹281.35 करोड़ और पूरे साल के लिए ₹829.26 करोड़ रही।
कर्ज की बात करें तो, कंपनी पर ₹1.21 करोड़ का मामूली कॉन्सोलिडेटेड कर्ज है, जो कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति को दिखाता है।
डिविडेंड का ऐलान
बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने शेयरधारकों को ₹1 प्रति इक्विटी शेयर का फाइनल डिविडेंड (Final Dividend) देने की सिफारिश की है। यह कंपनी के प्रदर्शन पर भरोसे को दर्शाता है।
एकमुश्त खर्चों का असर
हालांकि, कंपनी को कुछ एकमुश्त खर्चों (One-time costs) का सामना करना पड़ा। नए लेबर कोड से जुड़े एक रेगुलेटरी चार्ज के तौर पर ₹51.30 करोड़ (स्टैंडअलोन) का भुगतान करना पड़ा। इसके अलावा, श्रीलंका में साइक्लोन Ditwah के कारण इन्वेंटरी और एसेट्स को हुए नुकसान से कंपनी को लगभग ₹25.98 करोड़ (कॉन्सोलिडेटेड) का नेट लॉस हुआ।
पीयर कंपेरिजन (Peer Comparison)
ITC Hotels का FY26 कॉन्सोलिडेटेड रेवेन्यू ₹4,331.34 करोड़ और प्रॉफिट ₹821.26 करोड़ रहा। इसकी तुलना में, Indian Hotels Company Ltd (IHCL) का FY23-24 रेवेन्यू ₹6,209.92 करोड़ और EIH Ltd का ₹1,990.85 करोड़ रहा।