Q3 FY26 नतीजे: प्रॉफिट घटा, पर ₹26.83 Cr फंड जुटाने से मिली राहत
Vishal Fabrics Limited ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त तिमाही (Q3 FY26) के लिए ₹40.15 लाख (यानी ₹0.40 करोड़) का स्टैंडअलोन प्रॉफिट घोषित किया है। यह पिछले साल की इसी तिमाही के ₹47.23 लाख के मुकाबले थोड़ी गिरावट है।
कंपनी की टोटल स्टैंडअलोन रेवेन्यू (standalone revenue) में साल-दर-साल 9.95% की बढ़ोतरी हुई, जो ₹412.51 लाख (या ₹4.13 करोड़) तक पहुँच गई। लेकिन, इस ग्रोथ का बड़ा हिस्सा 'अन्य आय' (Other Income) से आया, जो पिछले साल के ₹1.43 लाख से बढ़कर इस तिमाही में ₹95.15 लाख हो गई। वहीं, कंपनी के मुख्य कामकाज यानी 'ऑपरेशंस से रेवेन्यू' (Revenue from Operations) में गिरावट देखी गई, जो ₹373.74 लाख से घटकर ₹317.30 लाख रह गया।
फंड जुटाकर बढ़ाई लिक्विडिटी
अपनी फाइनेंशियल पोजीशन को मजबूत करते हुए, Vishal Fabrics ने इक्विटी शेयर्स के प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट (preferential allotment) के जरिए ₹26.83 करोड़ की राशि सफलतापूर्वक जुटाई है। इस फंड का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल, बिजनेस एक्सपेंशन और इंटर-कॉर्पोरेट डिपॉजिट्स के लिए किया जाएगा।
एक्सपर्ट्स की चिंता और आगे की राह
यह प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट कंपनी की लिक्विडिटी को काफी बढ़ाएगा और ऑपरेशंस व ग्रोथ के लिए जरूरी फंड मुहैया कराएगा। हालांकि, कोर ऑपरेशनल रेवेन्यू और 'अन्य आय' के बीच बड़ा अंतर यह सवाल खड़ा करता है कि क्या मुख्य बिजनेस परफॉर्मेंस के बिना रेवेन्यू ग्रोथ टिकाऊ (sustainable) रहेगी।
इन्वेस्टर्स (investors) अब इस बात पर बारीकी से नजर रखेंगे कि ऑपरेशनल रेवेन्यू में गिरावट के क्या कारण हैं और कंपनी किस तरह से नॉन-ऑपरेशनल इनकम पर निर्भरता कम करके प्रॉफिटेबिलिटी बढ़ाएगी। फंड का आना एक राहत की बात है, लेकिन कंपनी की असली बिजनेस हेल्थ (business health) ही मुख्य फोकस बनी रहेगी।
कंपनी का बैकग्राउंड
Vishal Fabrics Limited, जिसकी स्थापना 1985 में हुई थी, गुजरात के अहमदाबाद की एक डेनिम मैन्युफैक्चरर और फैब्रिक प्रोसेसर कंपनी है। यह Chiripal Group का हिस्सा है। कंपनी डाइंग, प्रिंटिंग और विभिन्न फैब्रिक्स को प्रोसेस करने का काम करती है।
पीयर कंपनियों से तुलना
Vishal Fabrics भारतीय टेक्सटाइल सेक्टर में एक कॉम्पिटिटिव माहौल में काम करती है। इसके प्रतिस्पर्धियों में Arvind Ltd., Alok Industries Ltd., Welspun Living Ltd. और Nandan Denim जैसी स्थापित कंपनियां शामिल हैं।