हाई इंटरेस्ट रेट पर फंड जुटाने की मजबूरी?
Vardhman Polytex Limited ने ₹75 करोड़ मूल्य के 7,500 सिक्योर्ड, रेटेड, लिस्टेड, रिडीमेबल नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) अलॉट किए हैं। इन डिबेंचर्स पर 18% की जोरदार सालाना ब्याज दर है और इन्हें प्राइवेट प्लेसमेंट के ज़रिए Special Situation India Fund को बेचा गया है। इन्हें जल्द ही BSE पर लिस्ट किया जाएगा।
यह फंड जुटाना कंपनी की गंभीर वित्तीय कठिनाइयों के बीच आया है। 2026 की शुरुआत तक कंपनी का नेट वर्थ नेगेटिव ₹-220.6 करोड़ था, जिसका मतलब है कि कंपनी की देनदारियां उसकी संपत्ति से काफी ज्यादा थीं। इसके अलावा, दिसंबर 2025 तक Vardhman Polytex ने अपने बैंक लोन्स पर कुल ₹29.67 करोड़ का डिफॉल्ट किया था, जो उसकी कुल बैंकिंग सुविधाओं का आधे से भी ज़्यादा है।
हाल ही में, क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ICRA ने कंपनी के अनुरोध पर उसकी क्रेडिट रेटिंग वापस ले ली थी। MarketsMojo जैसे प्लेटफॉर्म्स ने भी कंपनी को 'स्ट्रॉन्ग सेल' (Strong Sell) रेटिंग दी है, जिसके पीछे खराब वित्तीय ट्रेंड और कमजोर क्वालिटी असेसमेंट को वजह बताया गया है।
फाइनेंसियल हेल्थ पर असर
नए ₹75 करोड़ का कर्ज Vardhman Polytex की वित्तीय देनदारियों को और बढ़ाएगा। इन NCDs पर 18% की हाई एनुअल इंटरेस्ट रेट कंपनी के फाइनेंस कॉस्ट को बढ़ा देगी, जिससे प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव बढ़ सकता है। अब निवेशकों की नज़र इस बात पर रहेगी कि कंपनी अपने मौजूदा कर्जों के साथ-साथ इस नए कर्ज को चुकाने में कितनी सक्षम है।
इंडस्ट्री और बाकी मेट्रिक्स
Vardhman Polytex टेक्सटाइल सेक्टर में Raymond Ltd., RSWM Ltd., Trident Ltd., और Indo Count Industries Ltd. जैसी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है। लेकिन, कंपनी की गंभीर वित्तीय समस्याएं - जैसे कि नेगेटिव नेट वर्थ और हालिया लोन डिफॉल्ट - उसे इस क्षेत्र में एक चुनौतीपूर्ण स्थिति में डालती हैं।
कंपनी के पिछले 12 महीनों (TTM) के स्टैंडअलोन आधार पर डेट टू इक्विटी रेश्यो -169.1% रहा, जो कि उसके नेगेटिव इक्विटी के कारण है। टोटल डेट टू टोटल कैपिटल रेश्यो 53.3% (TTM) था। इंटरेस्ट कवरेज रेश्यो काफी कम 1.4x (TTM) था, जो ऑपरेटिंग प्रॉफिट से ब्याज भुगतान को कवर करने में कंपनी की मुश्किलों को दर्शाता है। Vardhman Polytex के पास ₹153 करोड़ की कंटिंजेंट लायबिलिटीज़ भी हैं।
आगे क्या देखें?
निवेशक अब BSE पर इन NCDs की सफल लिस्टिंग पर नज़र रखेंगे। साथ ही, मौजूदा लेंडर्स के साथ कर्ज समाधान योजनाओं (debt resolution plans) पर कोई नई जानकारी, आने वाले वित्तीय नतीजों में सुधार के संकेत, और कंपनी का वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट प्रमुख फोकस क्षेत्र रहेंगे।