शेयर ट्रेडिंग पर रोक क्यों?
कंपनी ने बताया है कि यह ट्रेडिंग विंडो विशेष रूप से उन लोगों के लिए बंद की गई है, जिन्हें कंपनी के नतीजों से जुड़ी अंदरूनी और संवेदनशील जानकारी (Unpublished Price-Sensitive Information - UPSI) मिल सकती है। SEBI के नियमों के अनुसार, यह व्यवस्था यह सुनिश्चित करने के लिए है कि सभी निवेशकों के लिए एक समान मौका बना रहे और बाजार में निष्पक्षता (Market Integrity) बनी रहे। नतीजों को मंजूरी देने वाली बोर्ड मीटिंग के 48 घंटे बाद ही यह ट्रेडिंग विंडो फिर से खोली जाएगी। हालांकि, बोर्ड मीटिंग की तारीख अभी तय नहीं की गई है।
कंपनी की अन्य गतिविधियां
हाल ही में, Vardhman Polytex ने अपनी पूंजी को मजबूत करने के लिए कुछ कदम उठाए हैं। इनमें नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) जारी करना और शेयरों का प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट पूरा करना शामिल है। इसके अलावा, क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ICRA ने कंपनी के अनुरोध पर उसकी बोरिंग सुविधाओं की रेटिंग वापस ले ली है। पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) में, कंपनी का रेवेन्यू ₹311 करोड़ रहा था।
टेक्सटाइल सेक्टर में यह आम बात
भारतीय टेक्सटाइल सेक्टर में वित्तीय नतीजे जारी होने से पहले ट्रेडिंग विंडो बंद करने की यह प्रक्रिया काफी आम है। Sunil Industries, LWS Knitwear, और Pearl Global Industries जैसी कंपनियां भी हाल ही में SEBI के नियमों का पालन करने के लिए ऐसी ही घोषणाएं कर चुकी हैं।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
निवेशकों को अब कंपनी की ओर से दो अहम घोषणाओं का इंतजार है: पहला, Q4 FY26 वित्तीय नतीजों को मंजूरी देने के लिए बोर्ड मीटिंग की तारीख का ऐलान, और दूसरा, तिमाही व पूरे साल के नतीजों का आधिकारिक प्रकाशन। नतीजे जारी होने के 48 घंटे बाद ही शेयर बाजार में फिर से ट्रेडिंग शुरू हो पाएगी।
