वॉरंट्स कनवर्जन से Vardhman Polytex को ₹2.94 करोड़ का सहारा
Vardhman Polytex Limited के बोर्ड ने हाल ही में एक अहम फैसला लिया है। कंपनी ने 31,25,000 वॉरंट्स को इक्विटी शेयर्स में बदलने की मंजूरी दे दी है। इस कनवर्जन से कंपनी को ₹2.94 करोड़ (₹2,94,14,063) की पूंजी मिली है, जो कंपनी की पेड-अप इक्विटी शेयर कैपिटल को बढ़ाकर ₹48.30 करोड़ तक ले गई है। यह कदम कंपनी की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने वाला है।
कनवर्जन का पूरा हिसाब-किताब
कंपनी के डायरेक्टर्स ने 26 मार्च 2026 को हुई बोर्ड मीटिंग में इन नए इक्विटी शेयर्स के अलॉटमेंट को अधिकृत किया। ये शेयर्स ₹12.55 प्रति शेयर की दर से जारी किए गए थे, जिसमें ₹1 फेस वैल्यू है। कंपनी को इस कनवर्जन के लिए कुल ₹2.94 करोड़ प्राप्त हुए हैं, जो इश्यू प्राइस का 75% है। नए शेयर्स मौजूदा इक्विटी शेयर्स के बराबर ही अधिकार रखेंगे।
यह कैपिटल बूस्ट क्यों है महत्वपूर्ण?
इस कनवर्जन से Vardhman Polytex की पेड-अप कैपिटल बढ़ी है, जिससे कंपनी को वित्तीय लचीलापन मिला है और उसका बैलेंस शीट मजबूत हुआ है। अगर यह कनवर्जन प्रमोटर एंटिटीज द्वारा किया गया है, तो यह कंपनी को प्रमोटरों का लगातार समर्थन मिलने का संकेत भी देता है।
कंपनी का बैकग्राउंड और टर्नअराउंड
Vardhman Polytex, जो Oswal Group का हिस्सा है, टेक्सटाइल सेक्टर में काम करती है और यार्न व गारमेंट्स बनाती है। कंपनी ने पहले भी प्रेफरेंशियल वॉरंट्स के जरिए फंड जुटाया है। हाल के दिनों में कंपनी ने वित्तीय टर्नअराउंड के संकेत दिखाए हैं। सितंबर 2025 में समाप्त हुई छमाही के लिए कंपनी ने ₹665.38 लाख का प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) दर्ज किया है, जो पिछले साल के नुकसान से एक बड़ा सुधार है। हालांकि, कंपनी ने अपने इतिहास में नेट लॉसेस, निगेटिव इक्विटी और ₹153 करोड़ की कंटिंजेंट लायबिलिटीज़ जैसी वित्तीय चुनौतियों का भी सामना किया है।
मुख्य जोखिम और संभावित डाइल्यूशन
कंपनी के लिए एक बड़ी चिंता यह है कि अभी भी 2,54,00,000 वॉरंट्स ऐसे हैं जिनका कनवर्जन होना बाकी है। ये वॉरंट्स 27 मार्च 2025 को अलॉटमेंट की तारीख से 18 महीने के भीतर एक्सपायर हो जाएंगे। यदि होल्डर्स इस अवधि में इन्हें एक्सरसाइज नहीं करते हैं, तो ये लैप्स हो जाएंगे और भुगतान की गई राशि जब्त हो सकती है। निगेटिव इक्विटी और बड़ी कंटिंजेंट लायबिलिटीज़ जैसी पुरानी समस्याएं भी कंपनी की लॉन्ग-टर्म वित्तीय स्थिरता के लिए जोखिम बनी हुई हैं। बकाया वॉरंट्स की बड़ी संख्या मौजूदा शेयरधारकों के लिए भविष्य में इक्विटी डाइल्यूशन की स्पष्ट संभावना पैदा करती है।
निवेशकों की नजर कहां?
निवेशक बकाया 2,54,00,000 वॉरंट्स के कनवर्जन स्टेटस और उनकी एक्सपायरी डेट्स पर कड़ी नजर रखेंगे। वॉरंट्स के लैप्स होने के संभावित प्रभाव और बैलेंस शीट की चुनौतियों को मैनेज करते हुए कंपनी की हालिया प्रॉफिटेबिलिटी में सुधार को बनाए रखने की क्षमता जैसे प्रमुख पहलू निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे।
