कर्मचारियों के लिए बड़ा कदम!
इस बड़े फैसले का मुख्य मकसद कंपनी के कर्मचारियों को प्रेरित करना और उन्हें लंबे समय तक बनाए रखना है। यह तब और भी अहम हो जाता है जब कंपनी अपने बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन से गुजर रही हो और वित्तीय दबावों का सामना कर रही हो। यह ESOP पहली बार 12 मार्च 2026 को बोर्ड द्वारा अप्रूव किया गया था। इस स्कीम के तहत 33,43,380 स्टॉक ऑप्शन दिए जा सकते हैं, जिनकी वेस्टिंग पीरियड एक से चार साल तक की होगी, जो SEBI के नियमों के अनुसार है।
शेयरधारकों की मंजूरी 13,22,21,598 वोटों के पक्ष में और सिर्फ 59,436 वोटों के खिलाफ रही, जो कंपनी में मजबूत विश्वास को दर्शाता है।
आपको बता दें कि Sutlej Textiles ने फाइनेंशियल ईयर 2022-23 की चौथी तिमाही में ₹23.85 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट लॉस दर्ज किया था। वहीं, पूरे फाइनेंशियल ईयर 2025 के लिए कंपनी का नेट लॉस ₹68.4 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 50% कम है। हालांकि ESOP का मकसद कर्मचारियों के हितों को कंपनी के लॉन्ग-टर्म परफॉर्मेंस से जोड़ना है, लेकिन इसकी सफलता कंपनी के भविष्य के वित्तीय प्रदर्शन और स्टॉक वैल्यू बढ़ाने की क्षमता पर निर्भर करेगी।
भारतीय टेक्सटाइल सेक्टर की अन्य कंपनियां जैसे KPR Mill, Vardhman Textiles, Trident, और Welspun Living भी talent attract और retain करने के लिए ऐसे ही ESOPs का इस्तेमाल करती हैं।
अब जब शेयरधारकों की मंजूरी मिल गई है, तो Sutlej Textiles ESOP 2026 को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ सकती है। निवेशक अब कंपनी की ओर से नतीजों की औपचारिक घोषणा, स्कीम के इम्प्लीमेंटेशन फेज और कर्मचारी मनोबल व रिटेंशन पर इसके असर का इंतजार करेंगे। साथ ही, कंपनी द्वारा वित्तीय दबावों को मैनेज करने और ग्रोथ के लक्ष्यों को हासिल करने के प्रयासों पर भी खास नजर रहेगी।
