ऑपरेशनल एक्टिविटी में भारी गिरावट
Sueryaa Knitwear ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के नतीजे जारी किए हैं, जो कंपनी की कमजोर होती हालत को दर्शाते हैं। चौथी तिमाही (Q4 FY26) में कंपनी का स्टैंडअलोन टोटल रेवेन्यू घटकर सिर्फ ₹1.39 लाख रह गया, जो पिछले साल की इसी अवधि में ₹13.17 लाख था। यह 89.45% की भारी गिरावट है।
पूरे फाइनेंशियल ईयर 26 (FY26) की बात करें तो, स्टैंडअलोन टोटल रेवेन्यू में 87.74% की भारी गिरावट दर्ज की गई, जो पिछले साल के ₹24.87 लाख से घटकर सिर्फ ₹3.05 लाख रह गया।
घाटे में कंपनी, 'अन्य आय' पर निर्भरता
इस रेवेन्यू में भारी कमी के कारण, कंपनी को Q4 FY26 में ₹3.26 लाख का स्टैंडअलोन नेट लॉस हुआ। वहीं, पूरे FY26 के लिए कुल घाटा बढ़कर ₹6.90 लाख तक पहुंच गया।
कंपनी का मुख्य बिजनेस ऑपरेशन लगभग बंद नजर आ रहा है, जिससे न के बराबर रेवेन्यू आ रहा है। Sueryaa Knitwear अब अपने खर्चों को पूरा करने के लिए लगभग पूरी तरह 'अन्य आय' (Other Income) पर निर्भर है। हालांकि, यह नॉन-ऑपरेशनल आय भी कंपनी के घाटे को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है। यह स्थिति कंपनी के शेयरहोल्डर इक्विटी को लगातार घटा रही है।
भविष्य पर सवालिया निशान
'अन्य आय' पर यह निर्भरता कोई नई बात नहीं है, यह सालों से कंपनी के नतीजों में दिख रही है, जो स्थायी कोर बिजनेस एक्टिविटी की कमी का संकेत देती है। शेयरहोल्डर्स के लिए चिंता की बात यह है कि फंडामेंटल बिजनेस ऑपरेशन लगभग न के बराबर हैं। मौजूदा रेवेन्यू और नॉन-कोर आय पर गहरी निर्भरता को देखते हुए, कंपनी के लिए किसी भी तरह के ऑपरेशनल रिवाइवल की राह बेहद अनिश्चित दिख रही है।
कंपनी की शेयरहोल्डर इक्विटी FY26 में घटकर ₹191.25 लाख रह गई है, जो FY25 में ₹198.16 लाख थी। यह भी कंपनी की नेट वर्थ में आई कमी को दर्शाता है।
