पूरे साल का हाल और वजहें
पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 की बात करें तो कंपनी को ₹3.80 करोड़ का नेट लॉस हुआ है, जबकि रेवेन्यू 8.19% घटकर ₹64.77 करोड़ रहा.
हालांकि, कंपनी को प्रेफरेंस शेयर की शर्तों में बदलाव से ₹6.59 करोड़ का एक असाधारण (exceptional) एकमुश्त लाभ (one-time gain) मिला, जिससे कुछ राहत मिली.
लेकिन, कंपनी की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं. पिछले एक साल में कंपनी की नेट वर्थ (Net Worth) ₹16.11 करोड़ से घटकर ₹12.29 करोड़ रह गई है. इसके साथ ही उधार (borrowings) में भी बड़ी बढ़ोतरी हुई है, जो कंपनी की फाइनेंसियल हेल्थ पर सवाल खड़े करती है.
ये नतीजे टेक्सटाइल सेक्टर, खासकर यार्न निर्माताओं के लिए मुश्किल दौर को दर्शाते हैं. इंडस्ट्री को लगातार यार्न की खराब मांग और कॉटन की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.
बढ़ती एनर्जी कॉस्ट से निपटने के लिए, Sri Nachammai ने पहले 4 MW का सोलर पावर प्लांट (Solar Power Plant) चालू किया था. इसका मकसद पावर और फ्यूल के खर्च को कम करके ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) को बेहतर बनाना है.
आगे चलकर, निवेशक मैनेजमेंट की तरफ से यार्न की मांग और कॉटन की कीमतों के आउटलुक पर नज़र रखेंगे. कंपनी की कर्ज घटाने और बैलेंस शीट मजबूत करने की रणनीति पर खास ध्यान दिया जाएगा. सोलर प्लांट के असर और अन्य एफिशिएंसी उपायों पर भी नजर रहेगी.
Sri Nachammai भारतीय टेक्सटाइल सेक्टर में काम करती है. इसे इंडस्ट्री की आम समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, वहीं Vardhman Textiles, Raymond और GHCL जैसे बड़े खिलाड़ी भी इसी तरह की चुनौतियों से जूझ रहे हैं.