कंपनी के ऑडिटेड नतीजों के अनुसार, FY26 में Sportking India का नेट प्रॉफिट (PAT) ₹119.72 करोड़ रहा, जो पिछले साल (FY25) के ₹113.14 करोड़ की तुलना में 5.8% की बढ़ोतरी है। वहीं, रेवेन्यू ₹2,495.86 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹2,524.23 करोड़ से थोड़ा कम है।
इसके साथ ही, कंपनी के बोर्ड ने FY26 के लिए ₹1 प्रति इक्विटी शेयर और प्रेफरेंस शेयर्स पर 5% का फाइनल डिविडेंड (Dividend) देने की सिफारिश की है।
रणनीतिक मोर्चे पर, कंपनी ने दो बड़े कदम उठाए हैं। पहला, Marvel Dyers and Processors Private Limited में मेजॉरिटी स्टेक (Majority Stake) खरीदने की मंजूरी दी गई है, जो फैब्रिक की रंगाई, छपाई और फिनिशिंग का काम करती है। दूसरा, Sobhagia Sales Private Limited के मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस (Manufacturing Business) को स्लम सेल (Slump Sale) के जरिए एक्वायर (Acquire) करने की मंजूरी मिली है, जिसका फोकस गारमेंट्स (Garments) पर है।
इसके अलावा, कंपनी के ओडिशा (Odisha) में ग्रीनफील्ड एक्सपेंशन प्रोजेक्ट (Greenfield Expansion Project) के लिए फंडिंग (Funding) पक्की हो गई है और कंस्ट्रक्शन (Construction) का काम शुरू हो गया है। इस प्रोजेक्ट से स्पिनिंग कैपेसिटी (Spinning Capacity) में भारी बढ़ोतरी होगी।
राजस्व में मामूली गिरावट के बावजूद प्रॉफिट में यह बढ़ोतरी कंपनी की बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) या कॉस्ट मैनेजमेंट (Cost Management) को दर्शाती है। ये अधिग्रहण कंपनी को डाउनस्ट्रीम इंटीग्रेशन (Downstream Integration) की ओर ले जाते हैं, जिससे टेक्सटाइल चेन में वैल्यू (Value) को कैप्चर (Capture) करने और रेवेन्यू स्ट्रीम (Revenue Stream) को बढ़ाने में मदद मिलेगी। ओडिशा प्रोजेक्ट भविष्य में वॉल्यूम ग्रोथ (Volume Growth) के लिए कंपनी को तैयार करेगा।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि Marvel Dyers और Sobhagia Sales के अधिग्रहण अभी कई मंजूरियों, ड्यू डिलिजेंस (Due Diligence) और फाइनल एग्रीमेंट्स (Final Agreements) पर निर्भर हैं।