SEBI (Prohibition of Insider Trading) Regulations, 2015 के तहत, लिस्टेड कंपनियों को ऐसे कदम उठाने होते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कंपनी की अंदरूनी या गोपनीय जानकारी रखने वाले लोग, नतीजों के सार्वजनिक होने से पहले शेयर खरीद-बिक्री कर अनुचित लाभ न उठा सकें। Shiva Suitings ने साफ किया है कि यह ट्रेडिंग विंडो तब तक बंद रहेगी जब तक कि कंपनी अपने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हो रहे फाइनेंशियल ईयर की चौथी तिमाही (Q4 FY26) के ऑडिटेड नतीजे घोषित नहीं कर देती। नतीजे आने के 48 घंटे बाद ही यह विंडो दोबारा खुलेगी।
यह कंपनी 1985 में स्थापित हुई थी और मुंबई से टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग और ट्रेडिंग का कारोबार करती है। शेयर बाज़ार में, खासकर नतीजों जैसी बड़ी कॉर्पोरेट घोषणाओं से पहले, ट्रेडिंग विंडो बंद करना एक मानक प्रक्रिया है। यह पारदर्शी और निष्पक्ष बाज़ार के लिए बेहद ज़रूरी है। टेक्सटाइल सेक्टर की जानी-मानी कंपनियां जैसे Raymond Ltd. और Arvind Ltd. भी नियमित रूप से ऐसी ही नीतियों का पालन करती हैं।
अब शेयरधारकों और निवेशकों की नज़रें Shiva Suitings द्वारा Q4 FY26 के नतीजों की घोषणा की तारीख पर टिकी हैं। नतीजों के ऐलान के बाद कंपनी के शेयर के प्रदर्शन पर बाज़ार की प्रतिक्रिया देखी जाएगी।
