रेवेन्यू में शानदार उछाल, पर मुनाफे पर दबाव
Sanathan Textiles ने फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) में अपने कंसोलिडेटेड रेवेन्यू (Consolidated Revenue) में पिछले साल की तुलना में 27.1% की जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की है, जो ₹3,811.20 करोड़ तक पहुंच गया। कंपनी के मैनेजमेंट का कहना है कि यह ग्रोथ मुख्य रूप से पंजाब में नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी (Manufacturing Facility) के सफल ऑपरेशन और बेहतर ऑपरेटिंग एफिशिएंसी (Operational Efficiency) का नतीजा है। खास तौर पर, चौथी तिमाही (Q4) में रेवेन्यू में 59.7% की जबरदस्त उछाल देखने को मिली और यह ₹1,169.20 करोड़ पर पहुंच गया।
कैपेक्स का असर, प्रॉफिट में आई बड़ी गिरावट
हालांकि, इस टॉप-लाइन ग्रोथ के बावजूद, कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट (Consolidated Net Profit) FY26 में 51.8% घटकर ₹77.30 करोड़ रह गया। इसकी मुख्य वजह पंजाब प्लांट में हुए बड़े कैपेक्स (Capex) के कारण ब्याज (Interest) और डेप्रिसिएशन (Depreciation) के खर्च में हुई बढ़ोतरी है। इसके विपरीत, कंपनी का स्टैंडअलोन (Standalone) नेट प्रॉफिट 10.0% बढ़कर ₹191.90 करोड़ रहा। निवेशकों की नजर अब इस बात पर है कि यह विस्तार से भविष्य में रेवेन्यू ग्रोथ को मुनाफे में कैसे बदल पाता है।
भविष्य के लिए विस्तार की योजनाएं
Sanathan Textiles अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को बढ़ाने पर लगातार ध्यान केंद्रित कर रही है। कंपनी सिलवसा (Silvassa) में टेक्निकल टेक्सटाइल्स (Technical Textiles) यार्न की क्षमता को दोगुना करने और पंजाब फैसिलिटी के फेज II (Phase II) विस्तार की योजना बना रही है। इसके अलावा, मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में कॉटन डिविजन (Cotton Division) के विस्तार की भी रणनीति बनाई जा रही है।
सह-प्रतिष्ठानों के साथ तुलना
Sanathan Textiles का अनुभव KPR Mill और Trident जैसी कंपनियों के समान है, जो अक्सर बड़े पैमाने पर क्षमता विस्तार की ग्रोथ स्ट्रेटेजी पर चलती हैं। Vardhman Textiles जैसी बड़ी कंपनियां नए कैपेक्स की लागत को अधिक आसानी से सोख पाती हैं। Sanathan के FY26 के नतीजे यह बताते हैं कि बड़े पैमाने पर कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) सीधे तौर पर कंसोलिडेटेड प्रॉफिट को कैसे प्रभावित करता है, जो विस्तारवादी कंपनियों के लिए एक आम चुनौती है।