रणनीतिक कदम: घाटे वाले बिज़नेस से एग्जिट
Raghuvir Synthetics के बोर्ड ने इस अहम फैसले पर मुहर लगा दी है। कंपनी का यह कदम एक स्ट्रेटेजिक एग्जिट (strategic exit) का हिस्सा है, जिसका मकसद उन बिजनेस सेगमेंट से बाहर निकलना है जहां सब्सिडियरी का नेट वर्थ (net worth) निगेटिव है और कमाई न के बराबर है। इस डील के जरिए कंपनी अपने ऑपरेशन्स को सुव्यवस्थित करना चाहती है और अपने मुख्य बिज़नेस पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करना चाहती है।
प्रमोटर्स ही खरीद रहे हैं हिस्सेदारी
यह दिलचस्प बात है कि Dreamsoft Bedsheets की हिस्सेदारी खरीदने वाले कोई और नहीं, बल्कि कंपनी के प्रमोटर्स (promoters) ही हैं। Mr. Yash Sunil Agarwal और Mr. Hardik Sunil Agarwal, जो Raghuvir Synthetics से भी जुड़े हैं, इस ट्रांजैक्शन (transaction) को पूरा करेंगे। कंपनी ने साफ किया है कि यह एक आर्म्स-लेंथ डील (arms-length deal) है, यानी इसमें निष्पक्षता बरती गई है।
सब्सिडियरी की खराब हालत
Dreamsoft Bedsheets Private Limited की फाइनेंशियल पोजीशन (financial position) कुछ खास नहीं रही है। फाइनेंशियल ईयर 25 (FY25) के अंत तक, सब्सिडियरी का नेट वर्थ -₹17.1 लाख था, जबकि FY25 में इसकी कुल इनकम सिर्फ ₹5,000 दर्ज की गई थी। इसी वजह से Raghuvir Synthetics के ओवरऑल परफॉरमेंस पर इसका बहुत कम या न के बराबर असर पड़ता था।
कब तक पूरी होगी डील?
इस बिक्री की प्रक्रिया 31 मार्च 2026 तक पूरी होने की उम्मीद है। इस डील के पूरा होने के बाद, Raghuvir Synthetics Limited का Dreamsoft Bedsheets Private Limited में कोई भी हिस्सा नहीं बचेगा और यह उसकी सब्सिडियरी नहीं रहेगी। कंपनी ने अपनी फाइलिंग में इस डिवेस्टमेंट (divestment) से जुड़े किसी बड़े जोखिम का जिक्र नहीं किया है।
